*माहौल बिगाड़ने वालों पर आगे भी होगी सख्त कार्रवाई : विकास शर्मा*
*बारावफात जुलूस के दौरान भड़काऊ बयान मामले में त्वरित कार्रवाई पर मुख्यमंत्री धामी व पुलिस प्रशासन का जताया आभार*
रुद्रपुर। बारावफात के जुलूस के दौरान त्रिशूल चौक पर कथित भड़काऊ बयान देने के मामले में पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई का महापौर विकास शर्मा ने स्वागत किया है। संबंधित व्यक्ति की गिरफ्तारी और न्यायालय में पेश किए जाने के बाद महापौर ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं जिला पुलिस प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि रुद्रपुर और देवभूमि उत्तराखंड का माहौल खराब करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
महापौर विकास शर्मा ने कहा कि धर्म की आड़ लेकर लोगों की भावनाएं भड़काने और समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां की शांति, सामाजिक सौहार्द एवं धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती।
उन्होंने कहा कि सावन के पवित्र माह में महादेव के प्रतीक त्रिशूल चौक पर सामने आए घटनाक्रम तथा उसके बाद दिए गए कथित भड़काऊ बयानों से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। ऐसे संवेदनशील मामलों में संयम और जिम्मेदारी की आवश्यकता होती है, लेकिन धर्म की आड़ में लोगों को उकसाने का प्रयास करने वाले तत्व समाज के हित में कार्य नहीं कर सकते।
महापौर ने कहा कि धर्म की आड़ लेकर लोगों की भावनाएं भड़काने वाले लोगों को यह समझ लेना चाहिए कि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मामले का तत्काल संज्ञान लिए जाने से स्पष्ट संदेश गया कि प्रदेश का माहौल खराब करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। संबंधित व्यक्ति की गिरफ्तारी और न्यायालय में पेशी से यह भी स्पष्ट हुआ है कि सरकार और प्रशासन ऐसे मामलों को लेकर गंभीर हैं।
महापौर विकास शर्मा ने मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार की कानून व्यवस्था एवं देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान को लेकर अपनाई गई नीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उनके अनुसार प्रदेश में 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है, जबकि रुद्रपुर में भी करीब आठ एकड़ सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाया गया है। अन्य सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई भी आगे जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल अथवा धर्म के नाम पर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकारी भूमि जनता की संपत्ति है और उसकी रक्षा करना सरकार एवं स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी है। अतिक्रमण करने वाला कोई भी व्यक्ति हो, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
महापौर ने कहा कि सभी धर्मों और उनकी आस्थाओं का सम्मान किया जाता है, लेकिन धर्म के नाम पर राजनीति करने, लोगों की भावनाएं भड़काने और शहर की शांति व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि माहौल खराब करने वालों के खिलाफ धामी सरकार आगे भी सख्ती से कार्रवाई करेगी।
महापौर विकास शर्मा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति एवं पुलिस प्रशासन की कार्रवाई की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने समय रहते मामले की गंभीरता को समझते हुए कार्रवाई की, जिससे स्पष्ट संदेश गया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की छूट किसी को नहीं है।
उन्होंने कहा कि देवभूमि की शांति, संस्कृति और धार्मिक आस्था की रक्षा सर्वोपरि है। समाज के सभी वर्गों को भी ऐसे तत्वों से सावधान रहने की आवश्यकता है, जो धार्मिक भावनाओं को भड़काकर आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करते हैं।











