रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर पुलिस ने संभावित खूनी गैंगवार की साजिश को विफल करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन में हुई पुलिस मुठभेड़ में कुख्यात शार्प शूटर जितेंद्र चौधरी उर्फ विरत चौधरी पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया। एक आरोपी अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस की कांबिंग जारी है।
पुलिस के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “अपराध मुक्त उत्तराखंड” अभियान के तहत जनपद में गैंगवार, रंगदारी और संगठित अपराध में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एसएसपी अजय गणपति के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर एवं क्षेत्राधिकारी नगर के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रुद्रपुर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी।
जांच में सामने आया कि 21 जून 2026 को रुद्रपुर के गाबा चौक पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग का मुख्य आरोपी जितेंद्र चौधरी उर्फ विरत चौधरी था। इसके अलावा 30 जून को थाना पुलभट्टा क्षेत्र में प्रतिद्वंद्वी गैंग पर की गई फायरिंग की घटना में भी वह अपने साथियों के साथ शामिल था, जिसमें एक महिला सहित कई राहगीर घायल हुए थे।
पुलिस को 12 जुलाई को सूचना मिली कि जितेंद्र चौधरी अपने साथियों के साथ बिना नंबर प्लेट की सफेद रेनॉल्ट क्विड कार से डिबडिबा क्षेत्र में प्रतिद्वंद्वी पर हमला करने जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने जाफरपुर कट के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आरोपी कार लेकर भाग निकले। पीछा करने पर यूनिटी लॉ कॉलेज के समीप कच्चे रास्ते में कार अनियंत्रित होकर तारबाड़ से टकरा गई, जिसके बाद आरोपी खेतों और बाग की ओर भाग गए तथा पेड़ों की आड़ लेकर पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस का कहना है कि आत्मसमर्पण की चेतावनी के बावजूद बदमाश लगातार फायरिंग करते रहे। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में जितेंद्र चौधरी के पैर में गोली लगी। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घायल जितेंद्र चौधरी के अलावा सुमित राठौर और चंदन लाल को गिरफ्तार कर लिया, जबकि निरंजन टाकुली उर्फ नीरू टाकुली मौके से फरार हो गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन 315 बोर के तमंचे, आठ जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, घटना में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की रेनॉल्ट क्विड कार तथा तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जितेंद्र चौधरी उर्फ विरत चौधरी निवासी डिबडिबा, थाना बिलासपुर (रामपुर), सुमित राठौर निवासी फुलसुगां, थाना ट्रांजिट कैंप तथा चंदन लाल निवासी सुभाष कॉलोनी, डिबडिबा के रूप में हुई है। फरार आरोपी की पहचान निरंजन टाकुली उर्फ नीरू टाकुली निवासी चंदेन फार्म, बिलासपुर के रूप में की गई है।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ थाना रुद्रपुर में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं एवं शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी जितेंद्र चौधरी पर हत्या के प्रयास, फायरिंग और अवैध हथियारों से जुड़े कई आपराधिक मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज हैं।
एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि जनपद में अपराधियों, गैंगस्टरों और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों के लिए कोई स्थान नहीं है। पुलिस पर हमला करने वाले तथा गैंगवार को बढ़ावा देने वाले अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।







