*_’सुरक्षा से कोई समझौता नहीं’, इंडिगो संकट पर बोले विमानन मंत्री नायडू_*

*_’सुरक्षा से कोई समझौता नहीं’, इंडिगो संकट पर बोले विमानन मंत्री नायडू_*

नई दिल्ली: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने सोमवार को राज्यसभा में इंडिगो संकट पर कहा कि, सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

उन्होंने आगे कहा कि, यात्रियों के सामने आने वाली समस्याएं एयरलाइन की आंतरिक क्रू रोस्टरिंग और परिचालन योजना से जुड़ी हैं, न कि विमान रखरखाव और शेड्यूलिंग सिस्टम (एएमएसएस) से जुड़ी है. राज्यसभा में बोलते हुए नायडू ने कहा कि उड़ान में देरी और विमानों के कैंसिल होने के कारण प्रभावित यात्रियों की सुरक्षा के लिए कड़े नागरिक उड्डयन आवश्यकताएं (सीएआर) मौजूद हैं.उन्होंने कहा कि, एयरलाइन ऑपरेटरों को इन आवश्यकताओं का पालन करना होगा. उन्होंने कहा कि, सॉफ्टवेयर समस्या के संबंध में, एक जांच की गई है. इस क्षेत्र में निरंतर तकनीकी उन्नयन होता रहता है. मंत्री ने कहा कि, सरकार की ओर से उनका दृष्टिकोण देश में विमानन क्षेत्र के लिए टॉप ग्लोबल मानकों को स्थापित करना है.

मंत्री नायडू ने बताया कि इंडिगो में समस्याएं क्रू रोस्टरिंग और आंतरिक परिचालन योजना से संबंधित थीं, जिसका प्रबंधन एयरलाइन दिन-प्रतिदिन के आधार पर करती है. उन्होंने कहा कि उड़ान समय सीमा (एफटीटीएल) गाइडलाइन के संबंध में सभी हितधारकों के साथ गहन विचार-विमर्श किया गया है, तथा इस बात पर जोर दिया गया कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

नायडू ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार स्थिति को गंभीरता से ले रही है. साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि, अगर कोई भी ऑपरेटर नियमों का पालन नहीं करता है, तो उन पर कड़ी कार्रवाई होगी. उन्होंने विमानन क्षेत्र में और अधिक कंपनियों को प्रोत्साहित करने की सरकार की मंशा पर भी प्रकाश डाला.

 

राज्यसभा सदस्य एम थम्बी दुरई के सवाल का जवाब देते हुए, जिन्होंने फंसे रहने के कारण लंबे समय तक रहने तथा अत्यधिक किराये का हवाला दिया था, केंद्रीय मंत्री ने हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया.

विमानन मंत्री नायडू ने कहा, “पांच लाख से ज़्यादा पीएनआर रद्द किए गए हैं और प्रभावित यात्रियों को 569 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। सरकार ने किराए की सीमा तय कर दी है और चार मूल्य स्लैब बनाए हैं, अनुपालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है, और पहले भी अनुचित किराया वृद्धि पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई की है.” यह चर्चा इंडिगो के नेटवर्क में लगातार हो रही देरी और रद्दीकरण के बीच हो रही है, जिससे देश भर के हवाई अड्डों पर यात्री फंसे हुए हैं.

इस बीच, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इंडिगो के जवाबदेह प्रबंधक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी को बड़े पैमाने पर परिचालन व्यवधानों और नियमों का पालन न करने के लिए 6 दिसंबर को जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए 24 घंटे का एकमुश्त विस्तार दिया है. एयरलाइन ने अपने राष्ट्रव्यापी नेटवर्क के आकार से जुड़ी परिचालन बाधाओं और देरी के लिए जिम्मेदार कई परिस्थितियों का हवाला देते हुए और समय मांगा था.अनुरोध की समीक्षा के बाद डीजीसीए ने जवाब देने की समय सीमा 8 दिसंबर को शाम 6 बजे तक बढ़ा दी. साथ ही उसने इस बात पर जोर दिया कि इसके अतिरिक्त कोई विस्तार नहीं दिया जाएगा.

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