*गौलापार में राज्य के पहले क्रीड़ा विश्वविद्यालय का शिलान्यास, सीएम धामी ने किया शुभारंभ*
*प्रथम चरण के निर्माण कार्यों का भूमि पूजन, पहले शैक्षणिक सत्र का भी हुआ आगाज*
हल्द्वानी। उत्तराखंड के खेल इतिहास में शनिवार का दिन एक नई उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया। गौलापार में राज्य के पहले उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों की विधिवत शुरुआत हो गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूजा-अर्चना के साथ विश्वविद्यालय के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रथम शैक्षणिक सत्र का भी शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह अवसर महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के जीवन और उनकी खेल साधना को स्मरण करने का भी है। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद ने अपनी हॉकी की जादूगरी से पूरी दुनिया को चकित करते हुए विश्व पटल पर भारत के खेल कौशल का लोहा मनवाया। उनका जीवन अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की मिसाल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मेजर ध्यानचंद की हॉकी स्टिक मैदान पर चलती थी तो दुनिया उसे जादू मानती थी, लेकिन उस उपलब्धि के पीछे वर्षों की साधना, कड़ी मेहनत और निरंतर अभ्यास था। उन्होंने युवा पीढ़ी को संदेश दिया कि प्रतिभा जन्मजात हो सकती है, लेकिन महानता निरंतर परिश्रम और साधना से ही प्राप्त की जाती है। राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय की स्थापना भी इसी सोच को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि अब तक उत्तराखंड के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय खेल प्रशिक्षण और खेल शिक्षा के लिए प्रदेश से बाहर जाना पड़ता था। कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आवश्यक संसाधनों के अभाव में अपेक्षित अवसर नहीं मिल पाते थे। राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय की स्थापना से इस स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा और प्रदेश के खिलाड़ियों को अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय खेल शिक्षा तथा आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक पहचान के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। यह देवभूमि और वीरभूमि है, लेकिन अब इसे खेलभूमि के रूप में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नई पीढ़ी तैयार करने का प्रमुख केंद्र बनेगा।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल खेल मैदान और प्रशिक्षण केंद्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यहां खेल शिक्षा, आधुनिक प्रशिक्षण और खिलाड़ियों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रदेश की युवा खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच मिलने से उत्तराखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में और अधिक मजबूती के साथ अपनी पहचान स्थापित कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भारत वर्तमान में नए भारत के स्वर्णिम काल से गुजर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रहा है और खेल जगत भी इससे अछूता नहीं है। उन्होंने कहा कि एक समय खेलों को केवल मनोरंजन का माध्यम माना जाता था, लेकिन आज खेल युवाओं के लिए सम्मानजनक करियर और सफलता का बड़ा माध्यम बन चुके हैं। प्रतिभा और मेहनत के दम पर युवा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने के साथ ही खेलों में अपना बेहतर भविष्य बना सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए बेहतर संसाधन और पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया।
इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक सरिता आर्या, विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, विधायक दीवान सिंह बिष्ट, मेयर गजराज सिंह बिष्ट, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं खेल प्रेमी मौजूद रहे।











