विद्यार्थियों के साथ खेत में उतरे केंद्रीय कृषि मंत्री, की धान की रोपाई
कृषि अनुसंधान और नवाचार से किसानों की आय बढ़ाने का दिया संदेश
पंतनगर। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों से संवाद किया और उनके साथ खेत में उतरकर धान की रोपाई की। उन्होंने विद्यार्थियों से कृषि अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी बनाने का आह्वान किया।
विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित संवाद कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री ने कृषि शिक्षा, अनुसंधान, स्टार्टअप, प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण तथा आधुनिक कृषि तकनीकों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विद्यार्थियों के साथ चर्चा की। उन्होंने छात्रों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि भारतीय कृषि तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रही है और आने वाला समय कृषि विज्ञान, तकनीक एवं नवाचार का होगा। उन्होंने शोध कार्यों को प्रयोगशालाओं से निकालकर खेतों तक पहुंचाने तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए व्यावहारिक समाधान विकसित करने पर बल दिया।
संवाद के उपरांत केंद्रीय मंत्री विश्वविद्यालय के कृषि प्रक्षेत्र पहुंचे, जहां उन्होंने विद्यार्थियों के साथ पारंपरिक तरीके से धान की रोपाई की। इस दौरान उन्होंने कहा कि कृषि को सही मायनों में समझने के लिए खेत से जुड़ना आवश्यक है। खेती केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा की आधारशिला है।
उन्होंने कहा कि गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने हरित क्रांति में ऐतिहासिक योगदान दिया है और आज भी कृषि अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में देश के अग्रणी संस्थानों में शामिल है। यहां के विद्यार्थी भविष्य में भारतीय कृषि को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इससे पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री ने विश्वविद्यालय संग्रहालय का भी निरीक्षण किया। कार्यक्रम में पुष्कर सिंह धामी, गणेश जोशी, अजय भट्ट, शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, बंशीधर भगत, राजेश शुक्ला, डॉ. शिवेन्द्र कश्यप, विपिन ध्यानी, अनिल कपूर डब्बू, रंजीत सिंह नामधारी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कृषि वैज्ञानिक, शिक्षक, शोधार्थी, पूर्व छात्र एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान कृषि शिक्षा को व्यवहारिक अनुभवों से जोड़ने और युवा पीढ़ी को खेती के प्रति प्रेरित करने पर विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों ने केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ खेत में धान की रोपाई कर उत्साह व्यक्त किया।







