*_दिल्ली दंगा केस: साजिश रचने के तीन आरोपियों की जमानत याचिका खारिज_*
नई दिल्ली: दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट ने दिल्ली दंगों की साजिश रचने के तीन आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है. एडिशनल सेशंस जज समीर बाजपेयी ने जमानत याचिकाएं खारिज करने का आदेश दिया.
कोर्ट ने जिन आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज करने का आदेश दिया उनमें सलीम मलिक, अतहर खान और ताहिर हुसैन शामिल हैं. दिल्ली दंगों की साजिश रचने के मामले में सुप्रीम कोर्ट से पांच आरोपियों को जमानत मिलने के बाद इन तीनों आरोपियों ने जमानत याचिका दायर किया था.
जमानत याचिका में इन आरोपियों ने कहा था कि उनके खिलाफ जो आरोप हैं उन्हीं आरोपों वाले दूसरे आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दी है.बता दें कि 5 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने जिन पांच आरोपियों जमानत दी थी उनमें गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, शादाब अहम और मोहम्मद सलीम खान शामिल हैं. कोर्ट ने इन आरोपियों को दो-दो लाख के निजी मुचलके पर जमानत दी थी.
सुप्रीम कोर्ट ने इन आरोपियों पर जमानत की कड़ी शर्तें लगाई गई थीं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ये आरोपी किसी रैली में हिस्सा नहीं ले सकते और पोस्टर नहीं बांट सकते. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पांचों आरोपी बिना ट्रायल कोर्ट की अनुमति के दिल्ली के बाहर नहीं जा सकते. सुप्रीम कोर्ट ने पांचों आरोपियों को अपना पासपोर्ट ट्रायल कोर्ट में जमा करने का आदेश दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर किसी आरोपी के पास पासपोर्ट नहीं है तो इस संबंधी हलफनामा दाखिल करेगा.
जिन आरोपियों को पहले जमानत मिल चुकी है उनमें सफूरा जरगर, आसिफ इकबाल तान्हा, देवांगन कलीता और नताशा नरवाल शामिल हैं. बता दें कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में 53 लोग मारे गए थे और करीब दो सौ लोग घायल हो गए थे.
निर्मला सीतारमण के खिलाफ दायर मानहानि मामला
दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि याचिका पर शिकायतकर्ता और आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती की पत्नी लिपिका मित्रा ने अपना बयान दर्ज कराया. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी को करने का आदेश दिया.
आज सुनवाई के दौरान कोर्ट में लिपिका मित्रा पेश हुईं और अपना बयान दर्ज कराया. सुनवाई के दौरान लिपिका मित्रा की ओर से पेश वकील ने कहा कि वो कुछ और गवाहों के बयान दर्ज कराना चाहते हैं जिसके लिए वे अर्जी दाखिल करेंगे. उसके बाद कोर्ट ने लिपिका मित्रा को उचित अर्जी दाखिल करने का निर्देश दिया.
बता दें कि 13 दिसंबर 2025 को याचिकाकर्ता की ओर से एक गवाह मंजू बंसल के बयान दर्ज किए गए थे. 29 नवंबर 2025 को लिपिका मित्रा की ओर से गवाह सतीश कुमार नंगिया के बयान दर्ज किए गए थे. कोर्ट ने 23 मई 2025 को निर्मला सीतारमण को नोटिस जारी किया था. लिपिका मित्रा ने याचिका दायर कर कहा है कि निर्मला सीतारमण ने 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान उनके खिलाफ प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में अपमानजनक बयान दिया.
याचिका में कहा गया है कि निर्मला सीतारमण ने 17 मई 2024 को राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए लिपिका मित्रा और सोमनाथ भारती के बीच वैवाहिक विवाद का जिक्र किया. याचिका में कहा गया है सीतारमण का बयान सोमनाथ भारती की छवि को खराब करने की कोशिश के तहत किया गया ताकि वे 2024 के आम चुनावों में जीत नहीं सकें.
सोमनाथ भारती 2024 के लोकसभा चुनाव में नई दिल्ली सीट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार थे. लिपिका मित्रा का कहना है कि निर्मला सीतारमण के बयान का एकमात्र उद्देश्य सोमनाथ भारती को राजनीतिक रुप से नुकसान पहुंचाना था. उनके बयान से याचिकाकर्ता आहत हो गयी। याचिका में मांग की गई है कि निर्मला सीतारमण को ऐसे बयान देने से रोका जाए और उन्होंने जो बयान जारी किया था उसे वापस लिया जाए.







