*राम वनवास की लीला ने किया भावुक, केवट ने प्रभु श्रीराम को गंगा पार कराया*
*श्री शिव नाटक क्लब की रामलीला के छठे दिन हुआ राम वनवास, सुमंत संवाद और केवट प्रसंग का मंचन*
रुद्रपुर। श्री शिव नाटक क्लब की ओर से आयोजित रामलीला के छठे दिन प्रभु श्रीराम के वनवास, माता कौशल्या और राजा दशरथ से विदाई, निषादराज गुह से भेंट, सुमंत संवाद तथा केवट प्रसंग का भावपूर्ण मंचन किया गया। राम वनवास और अयोध्या से विदाई के दृश्यों ने दर्शकों को भावुक कर दिया, वहीं केवट द्वारा प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण को गंगा पार कराने के प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भक्ति भाव से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तराखंड पंजाबी महासभा के कुमाऊं प्रदेश अध्यक्ष हरीश जल्होत्रा, प्रदेश महामंत्री राजकुमार फुटेला, समाजसेवी एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता अजय तिवारी तथा पूर्व मेयर रामपाल सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान पंजाबी महासभा के नगर अध्यक्ष नितिन भल्ला, नगर महामंत्री रवि सिडाना, अजय चड्ढा, संगठन मंत्री प्रदीप अरोरा, गुरमीत सिंह लूथरा, हरीश चौधरी और सन्नी नरूला भी मौजूद रहे।
इस अवसर पर अजय तिवारी ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाकर समाज को संस्कारवान बनाया जा सकता है। उन्होंने श्री शिव नाटक क्लब को भव्य रामलीला आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। वहीं, रामपाल सिंह और हरीश जल्होत्रा ने कहा कि रामलीला का मंचन विभिन्न स्थानों पर होना चाहिए, ताकि भारतीय संस्कृति और सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण हो सके। इससे नई पीढ़ी को भी भगवान श्रीराम के आदर्शों और जीवन मूल्यों को समझने का अवसर मिलेगा।
श्री शिव नाटक क्लब के पदाधिकारियों ने अतिथियों को पटका और माला पहनाकर सम्मानित किया। साथ ही उन्हें स्मृति चिह्न भी भेंट किए गए।
कलाकारों ने जीवंत किए रामायण के प्रसंग
रामलीला में भगवान श्रीराम की भूमिका अभिनव अनेजा, लक्ष्मण की रवि कक्कड़, सीता की नैतिक तनेजा, कौशल्या की सन्नी घई, सुमित्रा की रोमल मदान, दशरथ की गौरव गांधी, कैकेयी की भारत हुड़िया, सुमंत की विशाल गुंबर, निषादराज गुह की विशांत भसीन और केवट की भूमिका सागर अरोरा ने निभाई। मंच संचालन जॉली कक्कड़ ने किया।
रामलीला के अगले दिन राजा दशरथ के निधन, भरत की अयोध्या वापसी और भरत मिलाप तक की लीला का मंचन किया जाएगा। श्री शिव नाटक क्लब के अध्यक्ष जगदीश सुखीजा ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर रामलीला का आनंद लेने की अपील की।


