होली चाइल्ड स्कूल में सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो-2026 डिज़ाइन थिंकिंग कार्यशाला आयोजित
डिज़ाइन थिंकिंग से छात्रों में नवाचार और रचनात्मक सोच को मिला नया आयाम
कार्यशाला में विद्यार्थियों ने सीखे समस्या समाधान और नवाचार के गुर
विशेषज्ञों ने छात्रों को सिखाई डिज़ाइन थिंकिंग की व्यावहारिक तकनीकें
डॉ. आशुतोष प्रिया और डॉ. मोहम्मद जुबैर अहमद ने किया विद्यार्थियों का मार्गदर्शन
होली चाइल्ड स्कूल में नवाचार और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की पहल
डिज़ाइन थिंकिंग कार्यशाला में छात्रों ने सीखे आइडिएशन और प्रोटोटाइप के चरण
‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो-2026’ से छात्रों में जागी नवाचार की नई सोच
रचनात्मकता, तार्किक सोच और समस्या समाधान का मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
रुद्रपुर। होली चाइल्ड स्कूल में विद्यार्थियों में नवाचार, रचनात्मक सोच और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो-2026’ के तहत डिज़ाइन थिंकिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में छात्रों को आधुनिक सोच, नवाचार और व्यावहारिक समाधान विकसित करने की विभिन्न तकनीकों से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में महात्मा ज्योतिबा फुले रोहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली के प्रोफेसर, सॉफ्ट स्किल ट्रेनर एवं प्रेरक वक्ता डॉ. आशुतोष प्रिया तथा प्रबंधन विषय में पीएचडी, स्ट्रैटेजिक बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन विशेषज्ञ एवं उद्यमी डॉ. मोहम्मद जुबैर अहमद ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। दोनों विशेषज्ञों ने डिज़ाइन थिंकिंग की अवधारणा को सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाते हुए छात्रों को सहानुभूति (एम्पैथी), विचार निर्माण (आइडिएशन) और प्रोटोटाइप तैयार करने की प्रक्रिया से परिचित कराया।
डॉ. आशुतोष प्रिया ने रचनात्मक सोच और प्रभावी संवाद कौशल पर बल देते हुए विद्यार्थियों को नवाचार के लिए प्रेरित किया, जबकि डॉ. मोहम्मद जुबैर अहमद ने रणनीतिक सोच और व्यावसायिक दृष्टिकोण के माध्यम से भविष्य की चुनौतियों के समाधान विकसित करने के गुर बताए।
कार्यशाला के बाद विद्यार्थियों में नवाचार और टीमवर्क को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्हें तार्किक सोच, सहयोगात्मक कार्यशैली तथा उद्देश्यपूर्ण निर्माण के नए तरीकों की जानकारी प्राप्त हुई।
इस अवसर पर विद्यालय के उप-प्रधानाचार्य (प्रशासन) प्रदीप जोशी, उप-प्रधानाचार्या (शैक्षणिक) मंजू अधिकारी सहित विद्यालय के शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उप-प्रधानाचार्य प्रदीप जोशी ने दोनों विशेषज्ञों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को भविष्य का सक्षम समस्या-समाधानकर्ता बनने की दिशा में प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय को सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो-2026 जैसी महत्वपूर्ण पहल का हिस्सा बनने पर गर्व है।







