*दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाने के विरोध में विभिन्न संगठनों का प्रदर्शन, नियुक्ति रद्द करने की मांग*
*अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि देकर भगत सिंह चौक पर निकाला जुलूस, भाजपा पर लगाए महिला विरोधी होने के आरोप*
रुद्रपुर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के बैनर तले विभिन्न संगठनों ने अंकिता भंडारी हत्याकांड के संदर्भ में दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में आंबेडकर पार्क में धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जुलूस निकालकर भगत सिंह चौक पर अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए इसे रद्द करने की मांग की।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में संबंधित व्यक्ति को संवैधानिक पद पर नियुक्त किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी ने कथित तौर पर विशेष सेवाएं देने के दबाव का विरोध किया था, जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। वक्ताओं ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने अंकिता के माता-पिता को दिल्ली में धरना देने के दौरान गिरफ्तार किए जाने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि न्याय की मांग कर रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जबकि गंभीर आरोपों का सामना करने वाले प्रभावशाली लोगों को राजनीतिक और संवैधानिक पदों पर नियुक्त किया जा रहा है। वक्ताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
वक्ताओं ने भाजपा पर महिला विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि महिला पहलवानों से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले, बिलकिस बानो प्रकरण, कुलदीप सेंगर प्रकरण और कठुआ मामले सहित कई घटनाएं महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण के कारण महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों का मनोबल बढ़ता है। वक्ताओं ने कहा कि सत्ता और राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल आरोपों की निष्पक्ष जांच तथा न्याय की प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए नहीं होना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने दुष्यंत गौतम की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति तत्काल रद्द करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए।
इस दौरान एडवोकेट अमनदीप कौर, एक्टू की जिला सचिव अनिता अन्ना, सीएसटीयू महासचिव मुकुल, आम आदमी पार्टी की महिला मोर्चा अध्यक्ष किरण पांडेय विश्वास, समाजसेवी शंकर चक्रवर्ती, धर्मेंद्र सिंह, प्रेरणा गर्ग, वंदना रावत, जयदेव बोस, प्रेम सिंह, हरेंद्र सिंह, ज्ञानी सुरेन सिंह, सत्यवीर सिंह और माधुरी देवी सहित विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे।


