*सावधान! एक क्लिक से खाली हो सकता है बैंक खाता, साइबर ठगों से बचने के लिए बरतें सतर्कता*
*फर्जी वेबसाइट और ऐप के जरिए बैंकिंग डिटेल्स चुराने की कोशिश, लिंक खोलने से पहले इन छह बातों का रखें ध्यान*
ऑनलाइन लेनदेन के बढ़ते चलन के बीच साइबर ठग भी लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। फर्जी वेबसाइट, नकली मोबाइल ऐप और संदिग्ध लिंक के जरिए लोगों की बैंकिंग संबंधी जानकारी, पासवर्ड और निजी डेटा चुराने की कोशिश की जाती है। ऐसे में इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय थोड़ी-सी लापरवाही भी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए किसी भी लिंक पर क्लिक करने या ऐप डाउनलोड करने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है।
इन छह बातों का रखें विशेष ध्यान
1. वेबसाइट का URL जांचें: किसी भी वेबसाइट को खोलने से पहले उसके पते और स्पेलिंग को ध्यान से देखें। असली वेबसाइट से मिलते-जुलते नाम वाली नकली वेबसाइट धोखाधड़ी का संकेत हो सकती है।
2. आकर्षक ऑफर के झांसे में न आएं: बाजार की तुलना में असामान्य रूप से कम कीमत, भारी छूट या तुरंत भुगतान करने का दबाव बनाए जाने पर सतर्क रहें। ऐसे ऑफर के पीछे ठगी की आशंका हो सकती है।
3. ऐप की परमिशन जांचें: मोबाइल में कोई नया ऐप इंस्टॉल करते समय देखें कि वह किन सुविधाओं और जानकारियों तक पहुंच मांग रहा है। जरूरत से ज्यादा परमिशन मांगने वाले ऐप से सावधान रहें।
4. रिव्यू और डेवलपर की जानकारी देखें: किसी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसके डेवलपर, उपयोगकर्ताओं की समीक्षाओं और अन्य उपलब्ध जानकारियों की जांच करें। केवल अच्छी रेटिंग देखकर ऐप को सुरक्षित न मानें।
5. आधिकारिक वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें: अनजान एसएमएस, व्हाट्सऐप संदेश या सोशल मीडिया पोस्ट में आए लिंक पर बिना जांचे क्लिक न करें। बैंकिंग या भुगतान संबंधी सेवाओं के लिए संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट या सत्यापित ऐप का इस्तेमाल करें।
6. गूगल प्ले प्रोटेक्ट रखें सक्रिय: एंड्रॉयड फोन में Google Play Protect को चालू रखें। यह संभावित रूप से नुकसान पहुंचाने वाले ऐप की पहचान करने और उनसे सुरक्षा देने में मदद करता है।
HTTPS का निशान सुरक्षा की पूरी गारंटी नहीं
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी वेबसाइट पर HTTPS या ताले का निशान होना ही उसकी विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। इसलिए वेबसाइट के पते और उसकी प्रामाणिकता की जांच करना जरूरी है। इसके साथ ही, अपना ओटीपी (OTP), यूपीआई पिन (UPI PIN) और बैंकिंग पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग ऐप इंस्टॉल करने या संदिग्ध ऐप को संवेदनशील जानकारियों की अनुमति देने से भी बचें।
ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति जागरूकता ही साइबर ठगी से बचाव का महत्वपूर्ण उपाय है। सावधानी बरतकर और संदिग्ध लिंक तथा ऐप से दूरी बनाकर अपनी बैंकिंग जानकारी और मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखा जा सकता है।


