‘सामंजस्य 2026’ में सीडब्ल्यूसी और केजीसीसीआई की रणनीतिक साझेदारी, रुद्रपुर बनेगा आधुनिक लॉजिस्टिक्स हब
‘सामंजस्य 2026’ में सीडब्ल्यूसी-केजीसीसीआई की बड़ी साझेदारी
100 करोड़ की लॉजिस्टिक्स परियोजना से 500 युवाओं को मिलेगा रोजगार
‘प्रगति को गति देता लॉजिस्टिक्स’ थीम पर जुटे उद्योग जगत के दिग्गज
उद्योग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के समन्वय की नई शुरुआत बना ‘सामंजस्य 2026’
केजीसीसीआई और सीडब्ल्यूसी मिलकर बदलेंगे उत्तराखंड का औद्योगिक परिदृश्य
रुद्रपुर। उत्तराखंड के औद्योगिक परिदृश्य को नई दिशा देने की दिशा में केंद्रीय भंडारण निगम (सीडब्ल्यूसी) और काशीपुर-गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (केजीसीसीआई) के बीच महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारी का मार्ग प्रशस्त हुआ है। रुद्रपुर स्थित रेडिसन ब्लू होटल में आयोजित ‘सामंजस्य 2026’ कार्यक्रम में उद्योग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लेकर राज्य में आधुनिक लॉजिस्टिक्स ढांचे के विकास पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम का विषय “प्रगति को गति देता लॉजिस्टिक्स” रहा।
बैठक का नेतृत्व केजीसीसीआई के अध्यक्ष पवन अग्रवाल ने किया। वहीं सीडब्ल्यूसी की ओर से जीजीएम कमर्शियल बी. निर्मल, रीजनल मैनेजर दिल्ली-उत्तराखंड पवन कुमार तथा न्यू बिजनेस विभाग के प्रमुख मनीष बीआर सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में अत्याधुनिक एकीकृत वेयरहाउसिंग कॉम्प्लेक्स के निर्माण की योजना प्रमुख आकर्षण रही। करीब दो लाख वर्गफुट क्षेत्रफल में विकसित होने वाली यह ग्रेड-ए सुविधा आधुनिक भंडारण एवं हैंडलिंग सेवाओं से लैस होगी। सीडब्ल्यूसी ने उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप बिल्ट-टू-सूट (बीटीएस) वेयरहाउस विकसित करने की क्षमता भी प्रस्तुत की, जिससे विभिन्न औद्योगिक इकाइयों को उनकी तकनीकी जरूरतों के अनुसार कस्टमाइज्ड भंडारण सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
सीडब्ल्यूसी ने स्वयं को मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स एवं डोर-टू-डोर डिलीवरी सेवाओं का अग्रणी संस्थान बताते हुए क्षेत्र में पारदर्शी, किफायती और प्रभावी सप्लाई चेन समाधान उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई। अधिकारियों ने कहा कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उद्योगों की लॉजिस्टिक्स लागत में उल्लेखनीय कमी लाना है।
करीब 100 करोड़ रुपये के निवेश वाली यह परियोजना ‘डेस्टिनेशन उत्तराखंड’ समिट के दौरान उत्तराखंड सरकार के साथ हुए एमओयू के तहत शुरू की जा रही है। परियोजना से प्रत्यक्ष रूप से लगभग 500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
‘सामंजस्य 2026’ के सफल आयोजन को उद्योग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के बीच बेहतर समन्वय की नई शुरुआत माना जा रहा है। सीडब्ल्यूसी की विशेष बीटीएस क्षमता और केजीसीसीआई की औद्योगिक दृष्टि के समन्वय से क्षेत्र में विश्वस्तरीय सप्लाई चेन इकोसिस्टम विकसित होने की उम्मीद जताई गई है।







