*_देहरादून गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड, झारखंड के दो आरोपी गिरफ्तार, एक नामी यूनिवर्सिटी का है छात्र_*

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*_देहरादून गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड, झारखंड के दो आरोपी गिरफ्तार, एक नामी यूनिवर्सिटी का है छात्र_*

देहरादून: सिल्वर सिटी मॉल में गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड में पुलिस के हाथ 2 आरोपी चढ़े हैं. जिन्हें अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों ने कई महीने पहले ही विक्रम शर्मा को मारने की योजना बनाई थी. जबकि, जमशेदपुर और नोएडा में विक्रम शर्मा को ठिकाने लगाने की तैयारी थी, लेकिन विक्रम के साथ ज्यादा लोगों के चलने के कारण योजना को अंजाम नहीं दे पाए. आरोपियों में राजकुमार और अक्षत ठाकुर शामिल हैं. बाकि, 6 लोग अभी फरार हैं.

घटना से करीब 3 महीने पहले साजिश में शामिल एक आरोपी ने सिल्वर सिटी मॉल में मौजूद उसी जिम को ज्वॉइन किया था, जिसमें विक्रम शर्मा कसरत करने जाता था. घटना के दिन भी आरोपी ने ही अपने अन्य साथियों को फोन के जरिए विक्रम शर्मा के जिम में होने की जानकारी दी थी. जबकि, विक्रम को गोली दागने के बाद भागने के लिए आरोपियों ने हरिद्वार से रेंट पर स्कूटी और बाइक ली थी. गिरफ्तार आरोपियों में एक आरोपी ग्रेटर नोएडा स्थित नामी प्राइवेट यूनिवर्सिटी का छात्र है. जो पहले से ही आरोपियों के संपर्क में था.

विक्रम शर्मा में झारखंड में हत्या समेत कई मामलों में था कुख्यात: बता दें कि बीती 13 फरवरी को देहरादून के सिल्वर सिटी मॉल में दो अज्ञात बदमाशों ने गैंगस्टर विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी थी. विक्रम शर्मा के संबंध में जानकारी जुटाने पर पता चला कि वो आपराधिक पृष्ठभूमि से जुडा था, जो झारखंड का कुख्यात अपराधी भी था और अपने साथियों के साथ झारखंड के कई नामी व्यक्तियों की हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी जैसे मामलों में शामिल रहा था.

विक्रम पर कई आपराधिक घटनाओं के मुकदमे भी पंजीकृत थे, जिनमें वो जमानत पर चल रहा था. जांच के दौरान विक्रम शर्मा को 8 साल पहले जमशेदपुर पुलिस की ओर से झारखंड में हुई एक हत्या के प्रकरण में देहरादून से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी मिली थी. घटना के संबंध में विक्रम के परिचित अखिलेश सिंह की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर कोतवाली डालनवाला में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था.

 

विक्रम के झारखंड में आपराधिक पृष्ठभूमि से जुडे़ होने के कारण घटना में झारखंड के किसी गिरोह के शामिल होने की संभावना के मद्देनजर पुलिस ने घटना के सभी संभावित पहलुओं पर जांच शुरू की. घटना का खुलासा के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया. गठित टीमों ने घटनास्थल और उसके आस पास के सीसीटीवी फुटेजों को चेक किया.

 

जितेंद्र कुमार साहू के नाम पर थी सहस्त्रधारा रोड पर मिली बाइक: फुटेज में पुलिस टीम को बाइक सवार 3 आरोपियों की ओर से घटना को अंजाम देना पाया गया. आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद घटना में इस्तेमाल बाइक को सहस्त्रधारा क्षेत्र में खड़ा कर वहां पहले से खड़ी की गई बाइक और स्कूटी से हरिद्वार की ओर निकल गए. पुलिस ने घटना में इस्तेमाल बाइक को सहस्त्रधारा रोड से बरामद किया. जो झारखंड निवासी जितेंद्र कुमार साहू के नाम पर थी.

 

रेंट पर ली गई बाइक-स्कूटी और यूपीआई आई से बनी पहुंच: आरोपियों के बाइक और स्कूटी से हरिद्वार की तरफ जाने की जानकारी मिलने पर पुलिस की टीम ने हरिद्वार पहुंचकर आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटाई. जिसके तहत आरोपियों ने घटना के बाद भागने में इस्तेमाल की गई बाइक और स्कूटी को अलग-अलग स्थानों से आकाश कुमार प्रसाद निवासी बागबेडा, जमशेदपुर (झारखंड) की आईडी पर लिया था.

 

जबकि, राजकुमार निवासी गाराबास बागबेडा, जमशेदपुर (झारखंड) की यूपीआई आईडी से उसका भुगतान किए जाने की जानकारी मिली. साथ ही तीनों आरोपियों के हरिद्वार से एक काली रंग के स्कार्पियो से भागने की जानकारी भी पुलिस के हाथ लगी. वाहन के संबंध में जानकारी जुटाने पर पता चला कि वाहन का जमशेदपुर में सारिका इंटरप्राइजेज के प्रापराइटर यशराज के नाम पर पंजीकृत है.

 

स्कार्पियो वाहन से गए नोएडा: ऐसे में तत्काल एक टीम को जमशेदपुर भेजा गया, जहां टीम ने आरोपी राजकुमार के संबंध में जानकारी हासिल कर 19 फरवरी को जमशेदपुर स्थित उसके घर से उसे गिरफ्तार कर लिया. आरोपी राजकुमार से प्रारंभिक पूछताछ में संदिग्ध स्कार्पियो वाहन के स्वामी यशराज का आरोपी राजकुमार का बेटा होना और वाहन को यशराज के परिचित आशुतोष व उसके अन्य साथियों के द्वारा ले जाने की जानकारी मिली.

जिस पर आरोपी आशुतोष और उसके अन्य साथियों के संबंध में पुलिस टीम ने जानकारी ली गई. साथ ही आने-जाने वाले मार्गोंं पर लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से संदिग्ध वाहन की तलाश की गई. इसी कड़ी में पुलिस ने घटना में इस्तेमाल स्कार्पियो वाहन को ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में एल्फा 2 अपार्टमेंट से मोहित उर्फ अक्षत ठाकुर निवासी जमशेदपुर (झारखंड) के कब्जे से बरामद किया.

 

वहीं, पुलिस ने संदिग्धता के आधार पर मोहित उर्फ अक्षत को हिरासत में लेते हुए पूछताछ के लिए देहरादून लाया. जहां पूछताछ के दौरान आरोपी आशुतोष ने उसके साथी अंकित वर्मा, विशाल सिंह, आकाश और अन्य के साथ घटना को अंजाम देने की जानकारी मिली. ऐसे में घटना में आरोपी अक्षत ठाकुर की संलिप्तता भी पाए जाने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

ग्रेटर नोएडा स्थित प्राइवेट यूनिवर्सिटी का छात्र है एक आरोपी: आरोपी मोहित उर्फ अक्षत ठाकुर नोएडा स्थित एक निजी यूनिवर्सिटी में बीबीए प्रथम वर्ष का छात्र है. जो वर्तमान में ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में एल्फा 2 अपार्टमेंट में अपने 2 अन्य साथियों के साथ रह रहा है. कुछ साल पहले उसके मामा विकास महतो ने उसकी मुलाकात आशुतोष से कराई थी.

आशुतोष के जरिए करीब 4 साल पहले वो विशाल सिंह और अंकित से मिला था. करीब 2 साल पहले टाटा नगर रेलवे स्टेशन की पार्किंग में एक व्यक्ति पर हुए जानलेवा हमले की घटना में आशुतोष जेल गया था. कुछ समय बाद अमन सिंह के कहने पर विशाल ने अमरनाथ नाम के एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी, जिसमें विशाल जेल चला गया था.

जेल में विशाल का विक्रम शर्मा के एक करीबी से विवाद हो गया था. जिसके चलते विक्रम शर्मा ने जेल में बंद अपने गुर्गों के माध्यम से विशाल को काफी परेशान किया था. इस संबंध में विशाल ने जेल से बाहर आने के बाद आशुतोष को बताया. आशुतोष को पहले भी आपराधिक घटनाओं में जेल गया था.

आशुतोष अपराध की दुनिया में अपना नाम कमाना चाहता था. चूंकि, विक्रम शर्मा का अपराध की दुनिया में काफी वर्चस्व था और उसकी हत्या कर आरोपी अपराध की दुनिया में अपनी धाक जमा सकता था. जिसके चलते उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर विक्रम शर्मा की हत्या की योजना बनाई.

विक्रम शर्मा मर्डर केस में गिरफ्तार आरोपी-

 

अक्षत ठाकुर पुत्र प्रभास ठाकुर उर्फ संजीव कुमार, निवासी- एमई स्कूल रोड़ बाबा बरूदा अपार्टमेंट, फ्लैट नंबर बी 1 जुगसलाई, जमशेदपुर, झारखंड

 

राजकुमार पुत्र शिवदत्त, निवासी- गाराबास बागबेडा, जमशेदपुर, झारखंड

 

योजना कैसे बनी? आरोपी आशुतोष, सारिका इंटरप्राइजेज के मालिक यशराज का परिचित था और उसे जानकारी थी कि यशराज भी विक्रम शर्मा से काफी परेशान चल रहा है. क्योंकि, यशराज की कंपनी सारिका इंटरप्राइजेज का रेलवे में फूड सप्लाई का कॉन्ट्रैक्ट था और विक्रम शर्मा भी कान्ट्रैक्ट को हासिल करना चाहता था.

उसने पहले भी यशराज से रंगदारी की डिमांड की थी. जिसके चलते आशुतोष ने अपनी इस योजना के संबंध में यशराज को बताया. जिस पर यशराज ने भी विक्रम शर्मा की हत्या में उसे सहयोग करने की बात कही. विक्रम शर्मा को जमशेदपुर में ही मारना चाहते थे, लेकिन जमशेदपुर में विक्रम शर्मा के साथ हर समय काफी लोगों के रहने के कारण वो अपनी योजना को अंजाम नहीं दे पाए.

 

जिसके बाद आरोपियों को विक्रम शर्मा के नोएडा में भी आने-जाने की जानकारी मिली. जिस पर अपनी योजना को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने नोएडा में अंकित वर्मा के नाम से एक फ्लैट किराए पर लिया, लेकिन नोएडा में भी मौका न मिलने पर उन्होंने देहरादून में विक्रम की हत्या की योजना बनाई. उसकी दिनचर्या की जानकारी के लिए अंकित वर्मा ने उसी जिम को ज्वॉइन कर लिया गया, जहां विक्रम शर्मा रोज जाया करता था.

 

घटना को कैसे अंजाम दिया? घटना के दिन भी अंकित वर्मा ने ही आशुतोष को फोन कर विक्रम शर्मा के जिम में होने की जानकारी दी थी.आशुतोष और विशाल ने जिम से बाहर आते समय विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी थी. हत्या के बाद आशुतोष, विशाल अपने एक अन्य साथी आकाश के साथ पहले हरिद्वार से रेंट पर ली गई बाइक और स्कूटी से हरिद्वार पहुंचे. जहां उन्होने स्कूटी और बाइक को वापस किया.

इसके बाद पहले से ही हरिद्वार में खड़ी यशराज की स्कार्पियो से घटना के दिन ही नोएडा स्थित मोहित के फ्लैट में पहुंचे. मोहित के घटना के दिन देहरादून में होने के कारण उनकी ओर से उससे फोन पर संपर्क कर स्कार्पियों वाहन को पार्किंग में खड़ा करवाने की बात कही गई.

अगले दिन मोहित के वापस नोएडा पहुंचने पर आरोपियों ने उसे देहरादून में विक्रम शर्मा की हत्या करने की बात बताते हुए स्कार्पियो वाहन को उसी के पास छोड़ दिया. वहां से अलग-अलग स्थानों को चले गए. इस दौरान आरोपियों के रूकने और उनके खाने-पीने की पूरी व्यवस्था मोहित उर्फ अक्षत की ओर से की गई थी.

 

“विक्रम शर्मा हत्याकांड में दो आरोपी राजकुमार और अक्षत ठाकुर को गिरफ्तार किया गया है. एक आरोपी ग्रेटर नोएडा स्थित नामी प्राइवेट यूनिवर्सिटी का बीबीए का छात्र है. जबकि, बाकी फरार 6 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम और एसटीएफ की टीम लगी हुई है. साथ ही घटना में फरार आरोपियों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया है.”- प्रमेंद्र डोबाल, एसएसपी, देहरादून


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