*सनातन धर्म सभा ने बुजुर्गों के साथ हुए समझौते का उल्लंघन किया: वेद ठुकराल*
*श्री दुर्गा यात्रा समिति के संयोजक ने पांच मंदिर परंपरा तोड़ने का लगाया आरोप*
रुद्रपुर। श्री दुर्गा यात्रा समिति के संयोजक वेद ठुकराल ने सनातन धर्म सभा, पांच मंदिर पर शहर के बुजुर्गों द्वारा किए गए समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि दोनों संस्थाओं के बीच तय सहमति के अनुसार यात्रा और धार्मिक कार्यक्रमों की परंपरा आगे बढ़ाई जा रही थी, लेकिन अब पांच मंदिर ने इस परंपरा को तोड़ दिया है, जो समझौते के विपरीत है।
वेद ठुकराल ने बताया कि मां भगवती की प्रेरणा से वर्ष 1993 में श्री दुर्गा मंदिर से चैत्र नवरात्र के दौरान मां वैष्णो देवी दरबार के लिए बस यात्रा शुरू की गई थी। पहले ही वर्ष यात्रा को अच्छा प्रतिसाद मिला। वर्ष 1994 में दो बसें श्रद्धालुओं से पूरी तरह भर गईं और यात्रा यादगार बन गई। उस समय प्रति यात्री बस किराया 625 रुपये था, जबकि पांच मंदिर की ओर से किराया घटाकर 500 रुपये कर दिया गया था। इसके बावजूद श्री दुर्गा यात्रा समिति की बसें श्रद्धालुओं से खचाखच भरी रहीं।
उन्होंने बताया कि इसके बाद शहर के बुजुर्गों ने उनसे संपर्क कर जाफरपुर में श्री दूल चंद्र जी के भंडारे में आमंत्रित किया। वहां बुजुर्गों ने सुझाव दिया कि चैत्र नवरात्र के बजाय आश्विन नवरात्र में मां वैष्णो देवी के दरबार की यात्रा आयोजित की जाए और वहां से पावन ज्योति लाई जाए। साथ ही आश्वासन दिया गया कि दोनों संस्थाएं मिलकर धार्मिक आयोजन करेंगी और जिस स्थान पर पावन ज्योति पहुंचेगी, वहीं कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
वेद ठुकराल ने कहा कि समिति ने बुजुर्गों के सुझाव और निर्णय का सम्मान करते हुए अपनी यात्रा का समय बदल दिया। इसके बाद से समिति समझौते के अनुरूप अपनी परंपरा का निर्वहन करती आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पांच मंदिर ने अब इस परंपरा को तोड़कर पूर्व में बनी सहमति के विपरीत कदम उठाया है।
उन्होंने कहा कि श्री दुर्गा यात्रा समिति इस निर्णय की निंदा करती है और उम्मीद करती है कि दोनों संस्थाओं के बीच पूर्व में बनी सहमति तथा धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाएगा।


