*_LPG संकट: केजरीवाल का PM मोदी पर जोरदार हमला, बोले- विदेश नीति की गलती से देश में गैस की भारी किल्लत_*
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता की. इस दौरान उन्होंने देश में उत्पन्न एलपीजी गैस संकट को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि इस समय देश एक गंभीर संकट से गुजर रहा है, क्योंकि एलपीजी गैस की भारी कमी हो गई है. केजरीवाल ने दावा किया कि देश में एलपीजी की दैनिक उपलब्धता लगभग 50 प्रतिशत तक कम हो गई है, जिसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और उद्योगों पर पड़ रहा है.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भारत में एलपीजी की कुल खपत का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा आयात के जरिए पूरा किया जाता है और इस आयात का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के रास्ते आता है. उन्होंने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण इस मार्ग से भारत को आने वाली आपूर्ति लगभग बंद हो गई है, जिससे देश में एलपीजी की उपलब्धता अचानक कम हो गई है. उन्होंने कहा कि इसी वजह से पूरे देश में गैस की आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है. कई जगहों पर इसकी किल्लत देखने को मिल रही है.
होटल और रेस्टोरेंट सबसे ज्यादा प्रभावित
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस संकट का सबसे बड़ा असर होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर पड़ा है. उन्होंने कहा कि सुरक्षा कारणों से रेस्टोरेंट और होटल एलपीजी सिलेंडर का बड़ा स्टॉक नहीं रख सकते और उन्हें रोजाना की जरूरत के हिसाब से सप्लाई दी जाती है. उन्होंने दावा किया कि गैस की आपूर्ति बाधित होने के कारण मुंबई में करीब 20 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट बंद हो चुके हैं और अगले दो दिनों में यह संख्या 50 प्रतिशत तक पहुंच सकती है. केजरीवाल ने कहा तमिलनाडु में लगभग 10 हजार होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर हैं, जबकि पंजाब और दिल्ली-एनसीआर में भी हजारों होटल और रेस्टोरेंट प्रभावित हो सकते हैं.
केजरीवाल ने कहा कि गुजरात के मोरबी क्षेत्र में, जिसे टाइल उद्योग का केंद्र माना जाता है, वहां की करीब 170 फैक्ट्रियां बंद हो चुकी हैं और लगभग एक लाख लोग बेरोजगार हो गए हैं. उन्होंने आशंका जताई कि अगर स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो पूरे देश में एक करोड़ से अधिक लोगों के बेरोजगार होने का खतरा पैदा हो सकता है.
विदेशी नीति को बताया संकट की वजह
केजरीवाल ने इस संकट के लिए केंद्र सरकार की विदेश नीति को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय संघर्ष में तटस्थ रहने की परंपरागत नीति को छोड़ दिया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने बेंजामिन नेतन्याहू और डोनाल्ड ट्रंप के साथ खड़े होकर ईरान के खिलाफ रुख अपनाया, जिसके कारण भारत को तेल और गैस आपूर्ति के मामले में नुकसान उठाना पड़ रहा है.
नॉन-अलाइनमेंट नीति से हटने का आरोप
केजरीवाल ने कहा कि भारत पिछले 75 वर्षों से गुटनिरपेक्ष नीति का पालन करता रहा है. यहां तक कि शीत युद्ध के दौर में भी भारत ने किसी एक पक्ष का खुलकर समर्थन नहीं किया. उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने उस परंपरा को तोड़ दिया है और इसके परिणामस्वरूप देश की ऊर्जा आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है.
प्रधानमंत्री से जवाब की मांग
अरविंद केजरीवाल ने प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की. उन्होंने कहा कि देश की विदेश नीति राष्ट्रीय हितों के आधार पर तय होनी चाहिए, न कि किसी अन्य देश के दबाव में. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गैस संकट इसी तरह जारी रहा तो आने वाले दिनों में घरेलू उपभोक्ताओं को भी एलपीजी की कमी का सामना करना पड़ सकता है.







