ऊधमसिंहनगर पुलिस ने ‘जिन्नात’ के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का किया भंडाफोड़

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‘जिन्नात’ के नाम पर डेढ़ करोड़ की ठगी करने वाला गिरोह बेनकाब

रुपये डबल करने का झांसा देकर ग्रामीणों से वसूली, तीन आरोपी गिरफ्तार

रुपये दोगुना करने का लालच देकर ग्रामीणों से डेढ़ करोड़ की ठगी, तीन आरोपी गिरफ्तार

धार्मिक जलसे से शुरू हुआ ठगी का खेल, गांव-गांव फैलाया गया भ्रमजाल

विधवाओं, मजदूरों और बच्चियों के नाम पर चलाई जा रही थीं फर्जी योजनाएं

धन वापसी मांगने पर पीड़ितों को दी जाती थी जान से मारने की धमकी

फरार होकर उत्तर प्रदेश भागे आरोपी, रामपुर से दबोचे गए

पुलिस ने जनता से अंधविश्वास आधारित योजनाओं से दूर रहने की अपील की

ऊधमसिंहनगर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन में जनपद पुलिस ने अंधविश्वास फैलाकर करोड़ों रुपये ठगने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। कोतवाली आईटीआई पुलिस ने ‘जिन्नात’ के नाम पर लोगों को रुपये दोगुना करने का लालच देकर ठगी करने वाले तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार बांसखेड़ा निवासी वादी शकील अहमद ने 16 फरवरी 2026 को कोतवाली आईटीआई में शिकायत दर्ज कराई कि गांव के सरताज अली उर्फ कादरी बाबा, शफीक अहमद तथा मोहम्मद आरिफ लोगों को यह कहकर अपने प्रभाव में लेते थे कि सरताज अली पर ‘जिन्नात’ आता है, जो धनराशि को दोगुना कर देता है। लगभग एक वर्ष पूर्व गांव में आयोजित एक धार्मिक जलसे में भाषण के माध्यम से लोगों को प्रभावित करने के बाद आरोपियों ने विभिन्न निवेश योजनाओं का प्रचार शुरू किया।

ठगी की कथित योजनाएं

आरोपियों द्वारा लोगों को अलग-अलग योजनाओं का लालच दिया जाता था —

₹15,500 मासिक जमा करने पर 40 दिन बाद ₹20,000 मासिक लाभ

कामगारों के लिए ₹25,500 योजना

विधवाओं के लिए ₹6,500 योजना

बच्चियों के नाम पर ₹12,500 योजना

घर-घर संपर्क कर अशिक्षित एवं भोले-भाले ग्रामीणों को झांसे में लिया गया। सहयोगियों द्वारा यह प्रचारित किया जाता था कि बाबा से जुड़े लोगों को ‘जिन्नात’ के माध्यम से लगातार धन प्राप्त हो रहा है।

डेढ़ करोड़ से अधिक की वसूली

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ग्रामीणों से लगभग डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि एकत्र कर ली। इस रकम से आरोपियों ने संपत्तियां व वाहन खरीदे।

शफीक ने लगभग ₹20 लाख का मकान और एक बलेनो कार खरीदी।

आरिफ ने लगभग ₹10 लाख का प्लॉट खरीदा।

सरताज अली ने धीमरखेड़ा में प्लॉट लेकर मकान निर्माण कराया तथा बोलेरो वाहन खरीदा।

अन्य सहयोगियों द्वारा भी महंगे वाहन खरीदने की जानकारी मिली है।

धन वापसी मांगने पर पीड़ितों को गाली-गलौच और जान से मारने की धमकी दी जाती थी।

मुकदमा दर्ज, टीम गठित

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एफआईआर संख्या 42/2026 धारा 318(4), 351(2), 352 बीएनएस के तहत थाना आईटीआई में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान अन्य संदिग्धों की संलिप्तता भी सामने आई।

रामपुर से गिरफ्तारी

मामले की जानकारी मिलने पर आरोपी उत्तर प्रदेश भाग गए। पुलिस टीम ने 17 फरवरी 2026 को रामपुर से सरताज अली उर्फ कादरी बाबा, शफीक और आरिफ को गिरफ्तार कर लिया। 18 फरवरी को उन्हें संबंधित धाराओं में विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

पूछताछ में खुलासा

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने सुनियोजित षड्यंत्र के तहत ‘जिन्नात’ के नाम पर अंधविश्वास फैलाकर लोगों की जमा पूंजी हड़पी। मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।

पुलिस टीम

कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक रवि कुमार, उपनिरीक्षक अरविन्द बहुगुणा, विवेचक मनोज धोनी, दीपक चौहान सहित पुलिस टीम की भूमिका रही।

पुलिस की अपील

ऊधमसिंहनगर पुलिस ने जनता से अपील की है कि रुपये दोगुना करने या अंधविश्वास आधारित किसी भी योजना से सावधान रहें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।


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