कोश्यारी ने ‘त्रिशूल चौक’ की भव्यता देख महापौर की पीठ थपथपाई
बोले यह ऐतिहासिक कार्य कर रुद्रपुर का गौरव बढ़ाया
रुद्रपुर। त्रिशूल चौक की स्थापना से रुद्रपुर की पहचान को नई गरिमा मिलने लगी है। पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पहल पर महापौर विकास शर्मा की सराहना की थी, वहीं गुरुवार को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने चौक का भव्य अवलोकन करने के बाद भावुक होकर महापौर की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि विकास शर्मा ने यह ऐतिहासिक कार्य कर रुद्रपुर का गौरव बढ़ाया है और सच मायनों में “विकास” को साकार किया है।
गुरुवार को रुद्रपुर प्रवास के दौरान श्री कोश्यारी गांधी पार्क में आयोजित यूएस नगर कार्निवल एवं सरस आजीविका मेले में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। मेले का अवलोकन करने के पश्चात उन्होंने महापौर विकास शर्मा के साथ नवनिर्मित ‘त्रिशूल चौक’ का निरीक्षण किया।
त्रिशूल चौक की भव्यता और संकल्पना को देख श्री कोश्यारी अभिभूत हो उठे। उन्होंने महापौर का नाम लेते हुए प्रसन्नता व्यक्त की और कहा, “विकास ने वास्तव में विकास का कार्य किया है।” उन्होंने इस चौक को आस्था, शक्ति और आधुनिक विकास का अद्भुत संगम बताते हुए महापौर तथा रुद्रपुर की जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा कि रुद्रपुर की जनता ने सदैव अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रखा है और त्रिशूल चौक जैसे प्रतीक आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों और गौरवशाली संस्कृति से जोड़ने में मील का पत्थर सिद्ध होंगे।
इससे पूर्व गांधी पार्क में सजे भव्य मेले की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल व्यापारिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की विविध संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम बन गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से दूरदराज के स्वयं सहायता समूह और ग्रामीण शिल्पकार मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, वरिष्ठ नेता सुरेश कोली, प्रदेश मंत्री धीरेंद्र मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष हिमांशु शुक्ला, वरिष्ठ नेता जेबी सिंह, राकेश सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।







