*_रूस या वेनेजुएला? भारत ने साफ कर दी अपनी ‘ऑयल पॉलिसी’, हम वहीं से खरीदेंगे जहां भारत का फायदा होगा_*

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*_रूस या वेनेजुएला? भारत ने साफ कर दी अपनी ‘ऑयल पॉलिसी’, हम वहीं से खरीदेंगे जहां भारत का फायदा होगा_*

नई दिल्ली: भारत ने रूस और वेनेजुएला से कच्चे तेल की खरीद को लेकर अपना रुख एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है. विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि देश की प्राथमिकता 140 करोड़ लोगों की ऊर्जा सुरक्षा है. इसी सोच के तहत भारत लगातार अलग-अलग देशों से कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति विकल्पों की तलाश करता रहता है.

 

ऊर्जा सुरक्षा है सर्वोच्च प्राथमिकता

 

रणधीर जायसवाल के अनुसार, भारत की पूरी ऊर्जा नीति का केंद्र सिर्फ एक बात है — देशवासियों को लगातार और भरोसेमंद तरीके से ऊर्जा उपलब्ध कराना. इसके तहत कच्चे तेल और गैस की खरीद में निर्णय व्यावसायिक फायदे और रणनीतिक हितों पर आधारित होते हैं. मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहेगा और अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए सोर्स को diversify करना प्राथमिक रणनीति का हिस्सा है.वेनेजुएला से मजबूत साझेदारी

रणधीर जायसवालय ने बताया कि वेनेजुएला लंबे समय से भारत का ऊर्जा क्षेत्र में साझेदार रहा है. व्यापार और निवेश दोनों स्तर पर भारत-वेनेजुएला संबंध मजबूत रहे हैं. वित्त वर्ष 2019-20 तक वेनेजुएला भारत के कच्चे तेल के प्रमुख सप्लायर में शामिल था.

हालांकि उस समय लगाए गए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण भारत का वेनेजुएला से आयात बंद हुआ. मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारतीय सरकारी तेल कंपनियों ने साल 2008 से वेनेजुएला में अपनी उपस्थिति बनाए रखी है, और वहां नेशनल ऑयल कंपनी PDVSA के साथ लंबे समय से साझेदारी है.

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत वेनेजुएला से संभावित तेल आपूर्ति विकल्पों को हमेशा खुले दिमाग से देखता है, ताकि देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सके.

रूस से तेल खरीद पर भारत का रुख

रूस के मामले में भी भारत ने स्पष्ट किया है कि देश के फैसले किसी बाहरी दबाव में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हित और व्यावसायिक परिस्थितियों के आधार पर लिए जाते हैं. मंत्रालय ने बताया कि रूस से कच्चे तेल की खरीद भी भारत की व्यापक ऊर्जा रणनीति का हिस्सा है.भारत अपनी ऊर्जा सोर्सिंग को अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों और वैश्विक राजनीतिक बदलावों के अनुसार तय करता है. मंत्रालय ने कहा कि भारत किसी एक देश या क्षेत्र पर निर्भरता कम करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है.

विकल्पों पर खुला दृष्टिकोण

सरकार का स्पष्ट संदेश है कि एनर्जी सुरक्षा हमेशा प्राथमिकता रहेगी. इसके लिए भारत हर नए और संभावित कच्चे तेल सप्लाई विकल्प पर ध्यान देता है, चाहे वह वेनेजुएला हो या रूस. मंत्रालय ने कहा कि भारत का फोकस देश के लंबे समय तक सुरक्षित, स्थिर और सस्ती ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना है.हम किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहेंगे और सभी व्यावसायिक और रणनीतिक विकल्पों पर ध्यान देंगे ताकि ऊर्जा सुरक्षा हमेशा बनी रहे.


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