*_पंजाब: ड्रग्स के चलते परिवार के 7 सदस्यों की मौत, बीजेपी का मान सरकार पर हमला_*

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*_पंजाब: ड्रग्स के चलते परिवार के 7 सदस्यों की मौत, बीजेपी का मान सरकार पर हमला_*

लुधियाना: पंजाब के लुधियाना के शेरेवाल गांव में एक 20 साल के जसवीर सिंह की मौत ड्रग्स के ओवरडोज से हो गई. उसका शव करनाल से बरामद हुआ. ड्रग्स की वजह से उस परिवार में अब तक एक नहीं बल्कि सात मौतें हो चुकी हैं.

अब मृतक के परिवार में शिंदर कौर अकेली बची है. उनके पति मुख्तियार सिंह शराबी थे, जिनकी 2012 में मौत हो गई थी. जिसके बाद शिंदर कौर के 6 बेटे कुलवंत सिंह 34 साल, गुरदीप सिंह, जसवंत सिंह, बलजीत सिंह, जसवंत सिंह और राजू सिंह भी नशे की वजह से मर चुके हैं. इस मामले को लेकर पंजाब बीजेपी के वर्किंग प्रेसिडेंट अश्विनी शर्मा परिवार से मिलने पहुंचे, जहां उन्होंने परिवार के साथ दुख बांटा. साथ ही उन्होंने सरकार पर भी सवाल उठाए.

नशा खत्म नहीं हुआ बल्कि बढ़ गया: अश्विनी शर्मा

पंजाब बीजेपी प्रेसिडेंट अश्विनी शर्मा ने कहा कि यह बहुत दुख की बात है कि हम नशा खत्म नहीं कर पाए हैं. पंजाब में एक के बाद एक कई सरकारें आई, लेकिन इसका हल नहीं निकल सका. उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार नशे के खिलाफ जंग चला रही है लेकिन अभी तक पंजाब में नशा खत्म नहीं हुआ है बल्कि बढ़ गया है और युवाओं की जान ले रहा है.’

मौजूदा सरकार भी फेल

अश्वनी शर्मा ने कहा कि हालांकि उनके परिवार के लोगों की मौत 2012 में हुई थी, लेकिन किसी की मौत 2021 में हुई लेकिन पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार लोगों ने 2022 में बदलाव के लिए ही बनाई थी और यह मौजूदा सरकार भी कोई बदलाव नहीं ला पाई. अश्वनी शर्मा ने कहा कि यह बहुत हैरानी की बात है कि एक ही परिवार के 7 लोगों की जान चली गई है. उन्होंने कहा कि यह कोई एक परिवार नहीं है बल्कि ऐसे कई परिवार हैं जो पंजाब में ड्रग्स की वजह से बेघर हो गए है. अश्वनी शर्मा ने कहा कि वह कोई राजनीति करने नहीं आए हैं, बल्कि परिवार का हाल जानने आए हैं.

 

इस मौके पर मृतक के परिवार वालों ने अश्वनी शर्मा से कहा, ‘उनकी बस यही मांग है कि उनके परिवार के सभी मर्द नशे की लत के शिकार हो गए लेकिन अब पुलिस को ऐसी कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे इलाके में नशा बेचने वालों पर रोक लग सके और वे नशा न बेच सकें. उन्होंने पंजाब बीजेपी के प्रेसिडेंट को अपने गांवों के बारे में भी जानकारी दी.’

गांव के लोगों का मानना ​​है कि गांव के आस-पास अभी भी ड्रग्स बिक ​​रहे हैं. इस पर कोई रोक नहीं लग रही है. परिवार के सदस्य जसवित सिंह की मौत के बाद परिवार दुखी है. पुलिस ने भी एक महिला और एक पुरुष के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है.

यहां यह बताना जरूरी है कि इस परिवार पर दुखों का सबसे बड़ा पहाड़ दो दिन पहले 15 जनवरी को टूटा था. इस दिन घर के आखिरी चिराग जसवीर सिंह (27) का शव नशे का गढ़ कहे जाने वाले गांव खोली वाला पुल मलसीहा बजान की नहर के किनारे झाड़ियों में मिला था. उसकी मौत का कारण भी नशा ही था. अब परिवार में कोई मर्द नहीं बचा है.

साल 2012 में घर के मुखिया मुख्तियार सिंह की अधिक शराब पीने की वजह से ट्रैक्टर की चपेट में आने से मौत हो गई थी. जिसके बाद 6 बेटों की परवरिश समेत घर की पूरी ज़िम्मेदारी उनकी पत्नी शिंदर कौर के सिर पर आ गई. उन्होंने पति की मौत का दर्द बहादुरी से झेला और अपने छह बेटों की जिम्मेदारी भी अच्छे से निभाई.

बेटे तो बड़े हो गए, लेकिन इलाके में नशे के जाल ने एक, दो, तीन नहीं, बल्कि पूरे छह बेटों को अपनी गिरफ़्त में ले लिया. फिर क्या हुआ? साल 2021 से 2026 के बढ़ते महीने में परिवार के सारे चिराग बुझ गए. साल 2021 से अब तक माता शिंदर कौर के 6 बेटों, जिनमें जसवंत सिंह, राजू सिंह, गुरदीप सिंह, बलजीत सिंह, कुलवंत सिंह और जसवीर सिंह शामिल हैं, उनकी मौत हो गई.


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