*_अंकिता भंडारी हत्याकांड: दिल्ली में CBI की FIR दर्ज, अज्ञात VIP के पहलू पर होगी जांच, जानें इन्वेस्टिगेशन के पहलू_*

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*_अंकिता भंडारी हत्याकांड: दिल्ली में CBI की FIR दर्ज, अज्ञात VIP के पहलू पर होगी जांच, जानें इन्वेस्टिगेशन के पहलू_*

देहरादून: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में आखिरकार CBI ने मुकदमा दर्ज कर लिया है. दिल्ली स्थित सीबीआई की क्राइम ब्रांच शाखा संख्या 2 में दर्ज इस एफआईआर के बाद अब एजेंसी जल्द ही देहरादून पहुंचकर पूरे मामले की गहन जांच शुरू करेगी. ये वही मामला है जिसने सितंबर 2022 में पूरे उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देशभर को झकझोर कर रख दिया था. इस मामले के तीनों मुख्य आरोपी आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं. ऐसे में सीबीआई की ये जांच अज्ञात वीआईपी को लेकर होगी. इसी के ईद-गिर्द जांच की जाएगी.

सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर का नंबर RC 02(S)/2026 है. जिसमें BNS, 2023 की धारा 238, 249 और 45 लगाई गई है. एफआईआर में अपराध कैसे हुआ, सबूतों को नष्ट करने, अपराध में सहायता और दोषियों को बचाने से जुड़े कृत्य की जांच होगी. यह एफआईआर देहरादून के बसंत विहार थाना क्षेत्र में दर्ज FIR संख्या 0006/2026 का पुन: पंजीकरण है. जिसे अब सीबीआई ने अपने अधिकार क्षेत्र में लेते हुए जांच शुरू की है.

 

अंकिता भंडारी पौड़ी जिले की निवासी थी. अंकिता वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम कर रही थी. सितंबर 2022 में वह अचानक लापता हो गई. कुछ दिन बाद उसका शव बरामद हुआ. जिसके बाद इस मामले ने राजनीतिक और सामाजिक रूप से जबरदस्त तूल पकड़ा. शुरुआती जांच में सामने आया कि अंकिता पर एक अज्ञात वीआईपी को स्पेशल सर्विस देने का दबाव बनाया जा रहा था. इस काम के लिए जब अंकिता ने इंकार कर दिया तो उसकी हत्या कर दी गई. अब इस वीआईपी के राज से ही सीबीआई को पर्दा उठाना है.

इस मामले में वनंत्रा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्या, उसके कर्मचारी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है. वो अभी सजा काट रहे हैं. एसआईटी और सीबीसीआईडी की जांच के बाद तीनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई. लंबी सुनवाई के बाद 30 मई 2024 को जिला न्यायालय ने तीनों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई.


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