*_तेलंगाना : सरकारी अस्पताल में जिंदा मरीज को मुर्दाघर भेजा, जांच के आदे_*
महबूबाबाद: तेलंगाना के महबूबाबाद सरकारी अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा एक मरीज को ज़िंदा रहते हुए ही गलती से मुर्दाघर ले जाने की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. घटना से लोगों में आक्रोश फैल गया. अधिकारियों ने कथित लापरवाही की आधिकारिक जांच के आदेश दिए हैं.मरीज की पहचान राजू के रूप में हुई है, जो चिन्नागुदुर मंडल के जययारम गांव का एक ट्रैक्टर चालक है. वह पैर में दर्द और गुर्दे से संबंधित समस्याओं के इलाज के लिए कई बार अस्पताल आया था.फिर भी अस्पताल के कर्मचारियों ने कथित तौर पर उसे भर्ती करने से इनकार कर दिया क्योंकि उसके पास आधार पहचान पत्र नहीं था और उसके साथ कोई अटेंडेंट भी नहीं था.
इसी क्रम में राजू गुरुवार को अस्पताल के मुर्दाघर के पास गिर पड़ा, इससे अस्पताल के कर्मचारियों ने उसको मरा हुआ मान लिया. इस बारे में पुलिस ने बताया कि जब राजू के शरीर में कोई प्रतिक्रिया नहीं दिखाई दी तो अस्पताल के कर्मचारियों ने उसको मृत मान लिया. साथ ही उसके ‘शव’ को मुर्दाघर के बरामदे में स्ट्रेचर पर लिटा दिया और दरवाजा बंद कर दिया.
वहीं कुछ देर बाद, सफाई कर्मचारियों ने राजू के शरीर में हलचल के संकेत देखे और जानकारी दी. इसके बाद हम तुरंत मौके पर पहुंचे और सुनिश्चित किया कि राजू को उचित चिकित्सा सुविधा मिले, जिससे उसकी ठीक हो सके.
मामले के संबंध में अस्पताल के रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर ने कहा कि अस्पताल ने घटना की आंतरिक जांच के आदेश दे दिए हैं. उन्होंने कहा, “हमने जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का वादा किया है.” उन्होंने आश्वासन दिया कि पहचान पत्र या परिचारकों की कमी के कारण मरीजों को इलाज से वंचित नहीं किया जाएगा.इस घटना से निवासियों और अस्पताल कर्मचारियों में रोष फैल गया है तथा कई लोगों ने सरकारी अस्पतालों में जवाबदेही और बेहतर रोगी देखभाल की मांग की है.






