*रुद्रपुर को जाम और जलभराव से राहत की उम्मीद, विकास शर्मा की पहल पर दो बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी* *अटरिया मोड़ से इंदिरा कॉलोनी तक बनेगी 1.15 किमी सड़क, ड्रेनेज परियोजना की पहली किश्त के रूप में 8.82 करोड़ रुपये स्वीकृत*

रुद्रपुर में मिनी बाईपास का रास्ता साफ, सड़क निर्माण को बजट मंजूर

 

*अटरिया मोड़ से इंदिरा कॉलोनी तक बनेगी 1.15 किमी सड़क, ड्रेनेज परियोजना की पहली किश्त के रूप में 8.82 करोड़ रुपये स्वीकृत*

 

रुद्रपुर। शहर को जाम और जलभराव की समस्या से राहत दिलाने की दिशा में नगर निगम को बड़ी सफलता मिली है। दशकों से बंद पड़े अटरिया मोड़ से इंदिरा कॉलोनी तक के मार्ग को मिनी बाईपास के रूप में विकसित करने का रास्ता साफ हो गया है। शासन ने 1.15 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति दे दी है। वहीं, शहर की महत्वाकांक्षी ड्रेनेज परियोजना के लिए भी 8.82 करोड़ रुपये की पहली किश्त मंजूर हो गई है। इन दोनों परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से शहरवासियों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ ही जलभराव की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।

 

महापौर विकास शर्मा ने बताया कि शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना और नागरिकों को जाम से निजात दिलाना नगर निगम की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से लंबे समय से बंद पड़े इस मार्ग को दोबारा खोलकर सड़क के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जा रहे थे। नगर निगम की टीम के साथ स्थल निरीक्षण और सर्वे करने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर सड़क निर्माण का अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री ने जनहित से जुड़ी इस सड़क को अपनी घोषणा में शामिल किया था। अब शासन से वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।

 

महापौर के अनुसार, सड़क निर्माण के लिए 16.90 लाख रुपये का आगणन तैयार किया गया है। शासन के अपर सचिव महावीर सिंह चौहान ने वित्तीय स्वीकृति के संबंध में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता को पत्र भी जारी कर दिया है। सड़क बनने के बाद इसे मिनी बाईपास के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी और शहर के व्यस्त काशीपुर बाईपास मार्ग पर यातायात का दबाव कम हो सकेगा।

 

चार कॉलोनियों के हजारों लोगों को मिलेगा लाभ

 

इस सड़क के निर्माण से इंदिरा कॉलोनी, सिंह कॉलोनी, इंदिरा बंगाली कॉलोनी और भूरारानी क्षेत्र के हजारों लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इन क्षेत्रों के लोगों को आवागमन के लिए एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा। इससे मुख्य मार्गों पर वाहनों का दबाव कम करने और जाम की समस्या से राहत दिलाने में मदद मिलेगी। साथ ही, लोगों के समय और ईंधन की बचत होने के साथ शहर की यातायात व्यवस्था भी अधिक सुगम हो सकेगी।

 

महापौर विकास शर्मा ने कहा कि रुद्रपुर का तेजी से विस्तार हो रहा है। आबादी और वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ ही शहर में बेहतर सड़कों और वैकल्पिक मार्गों की आवश्यकता भी बढ़ रही है। ऐसे में वर्षों से बंद पड़े इस मार्ग को विकसित करना भविष्य की जरूरत है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में शहर के विकास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। शासन से मिली स्वीकृति के बाद अब संबंधित विभागीय प्रक्रिया पूरी कर सड़क निर्माण कराया जाएगा।

 

ड्रेनेज परियोजना की पहली किश्त में मिले 8.82 करोड़

 

शहर को जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए तैयार की गई 441.79 करोड़ रुपये की ड्रेनेज परियोजना के लिए शासन ने 8.82 करोड़ रुपये की पहली किश्त भी स्वीकृत कर दी है। महापौर विकास शर्मा ने बताया कि शहर के विभिन्न वार्डों में जलभराव की समस्या का आकलन करने के लिए व्यापक सर्वे कराया गया था। इसके आधार पर ड्रेनेज प्लान तैयार कर शासन को भेजा गया, जिसे मंजूरी मिल चुकी है।

 

महापौर ने कहा कि ड्रेनेज परियोजना शहर के लिए महत्वपूर्ण है। इसके तहत संबंधित औपचारिकताएं पूरी कर टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके बाद कार्य शुरू कराया जाएगा। परियोजना के पूरा होने से शहर के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों को राहत मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण और ड्रेनेज परियोजना की स्वीकृति रुद्रपुर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। नगर निगम का प्रयास है कि शहरवासियों को बेहतर सड़कें, सुगम यातायात और जलभराव से राहत मिल सके।

Advertisement
Advertisement
Advertisement