*श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ रामलीला का समापन, कलाकारों और सहयोगियों को किया सम्मानित*
*हनुमान-भरत मिलन और अयोध्या आगमन के प्रसंगों ने दर्शकों को किया भावविभोर, जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा पंडाल*
रुद्रपुर। नगर की प्राचीन मुख्य रामलीला में भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ इस वर्ष की रामलीला का श्रद्धापूर्वक समापन हो गया। समापन की अंतिम रात्रि में विभीषण का लंका राज्याभिषेक, हनुमान-भरत मिलन, भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन और उनके राज्याभिषेक के प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया गया। इन दृश्यों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्तिभाव से सराबोर कर दिया। इस अवसर पर रामलीला के आयोजन में योगदान देने वाले कलाकारों, सेवादारों और सहयोगियों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ नगर के प्रख्यात समाजसेवी दिनेश खंडेलवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। लीला के दौरान लंका विजय के बाद भगवान श्रीराम के आदेश पर लक्ष्मण द्वारा विभीषण का विधिवत राज्याभिषेक कर उन्हें लंका का राजपाट सौंपने का मंचन किया गया। इसके बाद हनुमान अयोध्या पहुंचकर भरत को भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के आगमन का शुभ समाचार देते हैं। चौदह वर्षों से प्रभु श्रीराम के वियोग में व्याकुल भरत के भावविभोर होने और हनुमान के साथ उनके संवाद का दृश्य दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहा।
इसके बाद भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने और भरत से मिलन का भावुक प्रसंग प्रस्तुत किया गया। चौदह वर्षों की प्रतीक्षा समाप्त होने की खुशी और अयोध्यावासियों के उल्लास को कलाकारों ने जीवंत कर दिया। भगवान श्रीराम के भव्य राज्याभिषेक का दृश्य प्रस्तुत होते ही पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। रामराज्य की स्थापना के प्रसंग के माध्यम से सत्य, मर्यादा, न्याय, करुणा और लोककल्याण का संदेश दिया गया।
कलाकारों और सहयोगियों का हुआ सम्मान
समापन समारोह में श्री रामलीला कमेटी की ओर से श्री राम नाटक क्लब, श्री सनातन धर्म युवा मंच और सेवा टीम के सदस्यों, कलाकारों तथा सहयोगियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। आयोजन को सफल बनाने में उनके समर्पण, परिश्रम और निस्वार्थ सेवा की सराहना की गई। मंच पर अभिनय करने वाले कलाकारों के साथ पर्दे के पीछे रहकर व्यवस्थाएं संभालने वाले सदस्यों के योगदान को भी विशेष रूप से सराहा गया।
कलाकारों ने निभाईं विभिन्न भूमिकाएं
अंतिम दिन भगवान श्रीराम की भूमिका में मनोज अरोरा, लक्ष्मण की भूमिका में गौरव राज बेहड़, सीता की भूमिका में गौरव जग्गा, हनुमान की भूमिका में सुशील गाबा, विभीषण की भूमिका में सचिन आनंद, गणेश भगवान की भूमिका में आशीष ग्रोवर आशू, सुग्रीव की भूमिका में आयुष्मान सुशील गाबा, भरत की भूमिका में पुलकित बांबा, शत्रुघ्न की भूमिका में गर्वित मुंजाल और अंगद की भूमिका में मनकरन रंधावा ने शानदार अभिनय कर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। मंच संचालन मंच सचिव विजय जग्गा और संदीप धीर ने किया।
इस अवसर पर श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष मनोज गाबा, महामंत्री सुशील गाबा, कोषाध्यक्ष सीए अमित गंभीर, समन्वयक राजेश छाबड़ा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश शर्मा, उपाध्यक्ष देवी शंकर अग्रवाल, विजय अरोरा, हरीश अरोरा, महावीर आजाद, सचिव अमित अरोरा बोबी, विजय विरमानी, निदेशक सुभाष खंडेलवाल, संदीप धीर, मंच सचिव विजय जग्गा, ओम प्रकाश अरोरा, राकेश सुखीजा, अशोक गुम्बर, केवल कृष्ण बत्रा, अमित चावला, आशीष मिड्ढा, जगदीश टंडन, रघुवीर अरोरा, राज घई, चन्द्र सचदेवा, बिट्टू ग्रोवर और रवि बठला सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
श्री राम नाटक क्लब के अध्यक्ष विशाल भुड्डी, महामंत्री गौरव तनेजा, कोषाध्यक्ष सचिन, संरक्षक मोहन लाल भुड्डी, सरपरस्त हरीश सुखीजा, प्रेम खुराना, राम कृष्ण कन्नौजिया, संजीव आनंद, गुरशरण बब्बर शरणी, निर्देशक आशीष ग्रोवर आशू, गौरव राज बेहड़, मनोज मुंजाल, अनिल तनेजा, सचिव राजकुमार कक्कड़ और रमन अरोरा के साथ मनोज अरोरा, सुभाष तनेजा, सचिन आनंद, नरेश छाबड़ा, पुलकित बांबा, सौरभ राज बेहड़, गौरव जग्गा, सुमित आनंद, मोहन अरोरा, वैभव भुड्डी, रोहित खुराना और हर्ष अरोड़ा सहित अनेक रामभक्त मौजूद रहे।
भक्तिभाव, उत्साह और जय श्रीराम के जयघोष के बीच रामलीला का समापन हुआ। आयोजन ने एक बार फिर धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं और सामूहिक सहयोग की महत्ता को रेखांकित किया।


