*डांडिया उत्सव में पहुंचे सांसद अजय भट्ट, अंकिता हत्याकांड और रेखा आर्य विवाद पर रखी बात*
*कानून के अनुसार हो आरोपों की जांच, प्रक्रिया पूरी होने से पहले निष्कर्ष निकालना उचित नहीं : अजय भट्ट*
रामनगर। नैनीताल-ऊधमसिंह नगर के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री अजय भट्ट ने शुक्रवार देर रात रामनगर में किरण संजीवनी ट्रस्ट की ओर से आयोजित डांडिया उत्सव में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने भारतीय संस्कृति और मां की आराधना को आस्था का प्रतीक बताते हुए आयोजन की सराहना की। वहीं, अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर उन्होंने निशाना साधा। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़े विवाद पर उन्होंने कहा कि आरोपों की जांच कानून के अनुसार होनी चाहिए और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है।
डांडिया उत्सव में सांसद अजय भट्ट ने कहा कि डांडिया गुजरात की पारंपरिक संस्कृति का हिस्सा है, जो आज देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में मां के प्रति श्रद्धा और भक्ति व्यक्त करने का माध्यम बन चुका है। रामनगर में इस तरह के आयोजन क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि उत्सव में माताओं, बहनों और बेटियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी मां के प्रति उनकी आस्था और श्रद्धा को प्रदर्शित करती है। उन्होंने मां से देश और प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की।
अंकिता हत्याकांड पर कांग्रेस को घेरा
अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीवीआईपी की भूमिका की जांच और राज्यपाल की नियुक्ति रद्द करने की मांग को लेकर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर अजय भट्ट ने कहा कि कांग्रेस हताश और निराश दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि मामले में न्यायिक प्रक्रिया के तहत गवाहों के बयान दर्ज किए गए और साक्ष्यों के आधार पर तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
भट्ट ने कहा कि यदि किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ भी ठोस साक्ष्य सामने आते हैं तो उसकी जांच होनी चाहिए। कानून अपना काम करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी दौर में इस मामले को राजनीतिक लाभ के लिए उठाने का प्रयास कर रही है। हालांकि, उन्होंने कहा कि अंकिता उत्तराखंड की बेटी थी और उसके साथ हुई घटना को लेकर सभी के मन में संवेदना है।
रेखा आर्य प्रकरण में कानूनी प्रक्रिया पर दिया जोर
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़े विवाद पर सांसद ने कहा कि किसी भी आरोप की जांच कानून के अनुसार होनी चाहिए। केवल प्राथमिकी दर्ज होने या आरोप लगाए जाने के आधार पर किसी को दोषी मान लेना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने लोगों के साथ खड़ी रहती है, लेकिन यदि किसी के खिलाफ अपराध साबित होता है तो उसके बाद पार्टी अपना निर्णय लेती है।
उन्होंने कहा कि जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने से पहले इस मामले पर अधिक टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। इस दौरान उन्होंने पति-पत्नी के बीच होने वाले विवादों का भी उल्लेख किया।


