*डीपीएस रुद्रपुर में रामलीला का भव्य मंचन, श्रीराम के आदर्शों का दिया संदेश*
*‘रामलीला : द डिवाइन लाइट विदिन अस’ में विद्यार्थियों ने जीवंत किए रामायण के प्रसंग, राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय खिलाड़ी सम्मानित*
रुद्रपुर, 17 अक्टूबर। दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), रुद्रपुर में शनिवार को ‘रामलीला : द डिवाइन लाइट विदिन अस’ का भव्य मंचन किया गया। विद्यार्थियों ने शानदार अभिनय, मनमोहक नृत्य, भावपूर्ण संगीत और प्रभावशाली संवादों के माध्यम से रामायण के प्रमुख प्रसंगों को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और नैतिक मूल्यों की सुंदर झलक देखने को मिली।
विद्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त) कौस्तुभ मिश्रा, उपजिलाधिकारी गदरपुर डॉ. अमृता दिनेश शर्मा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी, खाद्य निरीक्षक हरिद्वार दिनेश शर्मा और जिला टेनिस समिति के अध्यक्ष जगदीश सिंह बिष्ट विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विद्यालय प्रबंधन ने अतिथियों का स्वागत किया।
विद्यार्थियों ने श्रीराम जन्म, वनगमन, सीता हरण, हनुमान जी की भक्ति, लंका दहन, रावण वध और श्रीराम के राज्याभिषेक सहित रामायण के विभिन्न प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया। आकर्षक वेशभूषा, भव्य मंच सज्जा और उत्कृष्ट प्रकाश एवं ध्वनि संयोजन ने प्रस्तुतियों को और भी प्रभावशाली बनाया। विद्यार्थियों के अभिनय और संवाद अदायगी ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। मंचन के माध्यम से सत्य, धर्म, करुणा और मर्यादा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।
विद्यालय के चेयरमैन सुरजीत सिंह ग्रोवर ने कहा कि डीपीएस रुद्रपुर का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ ही उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम, संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बनाना है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में टॉडलर से ग्रेड-दो तक के बच्चों के लिए स्थापित जूनियर रोबोटिक्स लैब के माध्यम से उन्हें शुरुआती उम्र से ही रोबोटिक्स, कोडिंग, तार्किक चिंतन, नवाचार और समस्या समाधान जैसे कौशलों से परिचित कराया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि विद्यालय में शिक्षा के साथ खेलों को भी समान महत्व दिया जाता है। विद्यार्थियों की राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में उपलब्धियां इसका प्रमाण हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से भगवान श्रीराम के सत्य, मर्यादा, अनुशासन, सेवा, समर्पण और राष्ट्रप्रेम जैसे आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
वाइस चेयरमैन हरमन सिंह ग्रोवर और प्रधानाचार्य चेतन चौहान ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने के साथ उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और नैतिक मूल्यों का विकास करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान ताइक्वांडो और स्केटिंग के उन खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रोशन किया। अतिथियों ने विद्यार्थियों के अनुशासन, प्रतिभा और समर्पण की सराहना करते हुए शिक्षा, खेल, तकनीक और संस्कारों के क्षेत्र में विद्यालय के प्रयासों को सराहा।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस दौरान पूरा सभागार ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंज उठा। रामलीला का यह आयोजन भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आधुनिक शिक्षा के समन्वय का प्रेरणादायी उदाहरण बना।


