*_दिल्ली के अधिकारी अनुज अग्निहोत्री बने UPSC टॉपर, राजस्थान के रावतभाटा से है कनेक्शन_*

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*_दिल्ली के अधिकारी अनुज अग्निहोत्री बने UPSC टॉपर, राजस्थान के रावतभाटा से है कनेक्शन_*
नई दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा शुक्रवार को जारी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणामों में राजस्थान के लाल और दिल्ली में तैनात अधिकारी अनुज अग्निहोत्री ने सफलता का परचम लहराया है. अनुज ने प्रथम स्थान प्राप्त कर न केवल अपने परिवार, बल्कि समूचे प्रदेश का नाम रोशन किया है. वर्तमान में वह दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह सिविल सेवा (DANICS) के अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

एम्स से डॉक्टरी और फिर प्रशासनिक सेवा का जुनून

मूल रूप से राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा के रहने वाले अनुज की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है. उन्होंने जोधपुर एम्स से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की थी. वर्ष 2023 में डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी करने के बाद उनके पास चिकित्सा के क्षेत्र में एक शानदार करियर बनाने का विकल्प था, लेकिन उन्होंने समाज के व्यापक हित में काम करने के लिए प्रशासनिक सेवा को चुना.दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मनीष वर्मा बताते हैं कि अनुज ने पहले प्रयास में ही यूपीएससी 2023 में परीक्षा पास कर ली. उसके बाद दिल्ली सरकार में अभी प्रोबेशन के तौर पर जॉइन किया. फिलहाल वह होली के अवसर पर राजस्थान स्थित अपने घर गए हुए हैं.

नौकरी के साथ जारी रखी तपस्या

वरिष्ठ अधिकारी मनीष वर्मा बताते हैं अनुज की यह सफलता इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने इसे अपनी वर्तमान जिम्मेदारी निभाते हुए हासिल किया है. वर्ष 2023 की सिविल सेवा परीक्षा में सफल होकर वह DANICS कैडर के लिए चुने गए थे और वर्तमान में दिल्ली में कार्यरत हैं. प्रशासनिक पद की व्यस्तताओं के बीच अनुज ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और मेडिकल सब्जेक्ट से ही परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त कर दिखाया कि संकल्प शक्ति हो तो कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं है.

साधारण परिवार, असाधारण उपलब्धि

अनुज के पिता केबी अग्निहोत्री राजस्थान परमाणु बिजलीघर में वैज्ञानिक अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं और माता मंजू अग्निहोत्री एक कुशल गृहिणी हैं अनुज अग्निहोत्री ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के मार्गदर्शन और निरंतर सहयोग को दिया है. उन्होंने कहा बिना परिवार के सहयोग के यह संभव नहीं था. उन्होंने कहा सिविल सेवा केवल एक पद नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का माध्यम है. निरंतरता और सही दिशा में प्रयास ही सफलता की कुंजी है. उनके चयन की खबर मिलते ही रावतभाटा स्थित उनके निवास पर बधाई देने वालों का तांता लग गया.
आयोग द्वारा जारी सूची के अनुसार, इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों का चयन आईएएस, आईपीएस और अन्य केंद्रीय सेवाओं के लिए किया गया है. टॉपर्स की सूची में राजेश्वरी सुवे एम और अकांश ढुल ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया है.


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