*_अमेरिका ने ईरान को फिर से दी धमकी, कहा- ‘माफी नहीं, 47 साल से इस मौके का कर रहे थे इंतजार’_*
वाशिंगटन : क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रूकेगा ? दोनों पक्षों ने जो बयान जारी किए हैं, उसके आधार पर कहा जा सकता है कि यह लड़ाई थोड़ी लंबी चलेगी. इस बीच अमेरिका ने फिर से एक बार स्पष्ट किया है कि वह रूकने वाला नहीं है. अमेरिका ने कहा कि हम इस मौके का 1979 से ही इंतजार कर रहे थे.
इजराइल-ईरान संघर्ष पर अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने कहा, “जैसा कि राष्ट्रपति ने चेतावनी दी थी, इतने बड़े अभियान में जानमाल का नुकसान होना तय है।. युद्ध नरक है और हमेशा रहेगा. एक कृतज्ञ राष्ट्र अब तक खोए चार अमेरिकियों और घायलों को श्रद्धांजलि अर्पित करता है. वे अमेरिका के सर्वश्रेष्ठ लोग थे. हम इस अभियान के शेष भाग को उनके सम्मान में ही आगे बढ़ाएंगे. कोई माफी नहीं, कोई संकोच नहीं. उनके और उनसे पहले हजारों अमेरिकियों के लिए, जिन्हें ईरानी कट्टरपंथियों ने असमय ही छीन लिया, हम घोर आक्रोश व्यक्त करते हैं… यह वह निर्णायक मोड़ है जिसका अमेरिका 1979 से इंतजार कर रहा था… हम इसे राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा चुने गए ‘अमेरिका फर्स्ट’ के सिद्धांतों पर समाप्त करेंगे, किसी और के नहीं, जैसा कि होना चाहिए.”
इसी मामले पर ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन राइज़िन केन ने कहा, “शनिवार 28 फरवरी को मानक समय के अनुसार 01:15 बजे (तेहरान के स्थानीय समय के अनुसार सुबह 9:45 बजे) संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के आदेश पर, अमेरिकी नौसेना के एडमिरल ब्रैड कूपर की कमान में अमेरिकी केंद्रीय कमान ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू किया. सबसे पहले, मैं इस कार्रवाई में मारे गए और घायल हुए युद्ध विभाग के कर्मियों के प्रति अपनी और संयुक्त बल की ओर से गहरी संवेदना व्यक्त करना चाहता हूं. 28 फरवरी को, अमेरिकी सेना, नौसेना, मरीन कोर, स्पेस गार्ड और हमारे आरक्षित घटकों ने इजरायली सशस्त्र बलों के साथ अभूतपूर्व पैमाने पर समन्वित अभियान शुरू किए. हमारा मिशन अपनी रक्षा करना और अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर अपनी सीमाओं के बाहर शक्ति का प्रदर्शन करने की क्षमता को मजबूत करना और आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई के लिए तैयार रहना है.”







