मातृशक्ति राज्य के विकास की मुख्य आधार स्तंभ – धामी
मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना शुरू
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की एकल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए महिला सशक्ति करण एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की विभिन्न क्षेत्रें से आई एकल महिलाओं को योजना से संबंधित चेक और स्वीकृति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास और उन्हें स्वावलंबी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति राज्य के विकास की मुख्य आधार स्तंभ है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने हमेशा मातृशक्ति को केंद्र में रखकर नीतियां बनाई हैं। एकल महिलाओं के सामने जीवन यापन की चुनौतियां अधिक होती हैं, इसलिए इस योजना के माध्यम से हम उन्हें न केवल आर्थिक सहायता दे रहे हैं, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास भी जगा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि आज की महिलाएं किसी पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं का व्यवसाय खड़ा करने का साहस रखती हैं और यह योजना उनके सपनों को पंख देने का काम करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से पात्र महिलाओं तक समयबद्ध सीमा में पहुंचाया जाए। योजना के तकनीकी पहलुओं पर जानकारी देते हुए बताया गया कि इसके तहत 2 लाख रुपये तक के स्वरोजगार प्रोजेक्ट पर सरकार द्वारा 75 प्रतिशत की भारी सब्सिडी दी जा रही है। इसका अर्थ है कि महिलाओं को मात्र 25 प्रतिशत धनराशि ही लगानी होगी, बाकी 1-5 लाख रुपये तक की मदद सरकार प्रदान करेगी। इस योजना के दायरे में विधवा, परित्यक्ता, अविवाहित, तलाकशुदा और एसिड हमले से प्रभावित महिलाओं को रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ‘अंत्योदय’ के मंत्र पर चलते हुए अंतिम छोर पर बैठी महिला तक विकास की किरण पहुंचा रही है। सीएम धाामी ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक दिन है जहां हम मातृ शक्ति के सशक्तिकरण के लिए एक नये युग का सूत्रपात करने जा रहे हैं। आज एक ऐसी योजना का शुभारम्भ हो रहा है जो न केवल मातृ शक्ति को आर्थिक रूप से सशक्त बनायेगी बल्कि आत्म सम्मान और आत्म निर्भरता का भी मार्ग प्रशस्त करेगी। आज केवल योजना को शुभारम्भ नहीं कर रहे बल्कि प्रदेश की महिलाओं के संघर्ष को नई दिशा देने जा रहे हैं। सरकार मातृ शक्ति के साथ खड़ी है। आने वाले समय में पूरे देश के लिए यहां की मातृ शक्ति प्रेरणास्रोत बनेंगी। सीएम ने कहा कि कोई राष्ट्र और समाज की उन्नति की कल्पना करना संभव नही है, जब तक मातृ शक्ति आत्म निर्भर ना हो। सीएम धामी ने कहा कि एक महिला जब सशक्त होती है तो न केवल अपने परिवार को संवारती है बल्कि देश ओर समाज की उन्नति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए नारी शक्ति की सशक्तिकरण की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं।इस योजना के माध्यम से महिलाों को उनकी रूचि और उनकी आवश्यकता के अनुसार कार्य करने का प्रावधाान किया जा रहा है। कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने भी विचार रखे। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी। योजना के तहत महिलाएं पशुपालन, बागवानी, ब्यूटी पार्लर, सिलाई-कढ़ाई और लघु उद्योगों के जरिए अपनी आजीविका चला सकेंगी। उन्होंने कहा सीएम धाामी की दूरगामी सोच का ही परिणाम है कि हमारी एकल महिलाएं सहारे से बढ़कर अवसर में बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि आज इस योजना से 484 महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और बढ़ेगा। कार्यक्रम में सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास हरि चंद्र सेमवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न जनपदों से आई लाभार्थी महिलाएं और मातृशक्ति उपस्थित थी।






