*_’हमास चीफ हनिया की हत्या से कुछ घंटे पहले उनसे मिला था’, नितिन गडकरी का दावा_*

  1. *_’हमास चीफ हनिया की हत्या से कुछ घंटे पहले उनसे मिला था’, नितिन गडकरी का दावा_*

नई दिल्ली: ईरान की राजधानी तेहरान में 31 जुलाई 2024 को फिलिस्तीनी समूह हमास के राजनीतिक प्रमुख इस्माइल हनिया की हत्या कर दी गई थी. इसके पीछे इजराइल का हाथ बताया गया था. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी उस समय तेहरान में थे. हत्या से पहले वह इस्माइल हनिया से मिले थे. गडकरी ने एक किताब के लॉन्च के मौके पर यह खुसाला किया. उन्होंने बताया कि ईरानी राजधानी में मिलिट्री कॉम्प्लेक्स में हमास नेता की हत्या से कुछ घंटे पहले ही उनकी हनिया से मुलाकात हुई थी.

गडकरी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कहने पर ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए तेहरान गए थे. उन्होंने कहा कि समारोह से पहले, वह तेहरान के एक फाइव-स्टार होटल में मौजूद थे, जहां कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और बड़े लोग चाय और कॉफी पर इकट्ठा हुए थे. गडकरी ने कहा, “अलग-अलग देशों के सभी प्रमुख मौजूद थे, लेकिन एक व्यक्ति जो देश का प्रमुख नहीं था, वह हमास नेता इस्माइल हनिया था. मैं उससे मिला. मैंने उसे राष्ट्रपति और मुख्य न्यायाधीश के साथ शपथ ग्रहण समारोह में जाते देखा.”

नितिन गडकरी ने आगे कहा, “शपथ ग्रहण समारोह के बाद, मैं अपने होटल लौट आया, लेकिन सुबह करीब 4 बजे, भारत में ईरान के राजदूत मेरे पास आए और कहा कि हमें यहां से जाना होगा. मैंने पूछा कि क्या हुआ, और उन्होंने मुझे बताया कि हमास प्रमुख की हत्या कर दी गई है. मैं चौंक गया और पूछा कि यह कैसे हुआ, और उन्होंने कहा, मुझे अभी तक पता नहीं है.”

गडकरी ने दर्शकों से कहा कि अभी भी इस बात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है कि हमास नेता की हत्या कैसे हुई. उन्होंने कहा, “कुछ लोग कहते हैं कि मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की वजह से उसकी हत्या हुई. कुछ कहते हैं कि यह किसी और वजह से हुआ.”

 

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि अगर कोई देश मजबूत है, तो कोई भी देश उस पर हाथ नहीं डाल सकता.” उन्होंने इजराइल का उदाहरण देते हुए कहा कि यह एक छोटा सा देश है, जिसने तकनीक की विशेषज्ञता और सैन्य क्षमता के जरिये वैश्विक प्रभाव डाला है.

हनिया की हत्या के बाद ईरानी अधिकारियों ने पुष्टि की थी कि यह हत्या 31 जुलाई 2024 को सुबह करीब 1:15 बजे हुई थी. उस समय हनिया इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की देखरेख में बेहद सुरक्षित मिलिट्री कॉम्प्लेक्स में थे. हमले में उनके बॉडीगार्ड की भी मौत हो गई थी. IRGC ने तब कहा था कि जिस बिल्डिंग में हनिया रह रहे थे, उसे निशाना बनाने के लिए कम दूरी की मिसाइल का इस्तेमाल किया गया था. यह हमला तब हुआ जब हनिया राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए तेहरान में थे.

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