उत्तराखंड बना स्टार्टअप लीडर
सीएम धामी की नीतियों का नतीजा, स्टेट्स स्टार्टअप इकोसिस्टम रैंकिंग के पांचवें संस्करण
में मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने के लिए राज्य को प्रदान की गई लीडर की मान्यता
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने के बाद पुष्कर सिंह धामी द्वारा राज्य एवं राज्य वासियों के हित में लागू की गई जनकल्याणकारी नीतियों के सुखद परिणाम अब सामने आने लगे हैं। धामी सरकार की नीतियों के चलते अब उत्तराखंड राष्ट्रीय स्तर पर एक सक्षम एवं समृद्ध राज्य के रूप में अपनी पहचान बना रहा है हाल के कुछ महीनो में प्रदेश ने अनेक क्षेत्रें में देश के अन्य राज्यों को पीछे छोड़ते हुए पहले स्थान पर काबिज होने में सफलता पाई है विगत रोज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं उत्तराखंड के सर एक और बड़ी उपलब्धि का सेहरा बंध गया। ज्ञात हो कि भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रलय के अंतर्गत उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड द्वारा जारी स्टेट्स स्टार्टअप इकोसिस्टम रैंकिंग (5वां संस्करण) में उत्तराखंड को मजबूत स्टार्टअप इको सिस्टम विकसित करने में ‘लीडर’ के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। इस उपलब्धि के लिए उत्तराखंड सरकार के उद्योग विभाग को स्टार्टअप दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सर्टिफिकेट ऑफ एप्रिसिएशन प्रदान किया गया है। उत्तरा खंड की उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल के तौर पर भी देखा जा रहा है। इस सम्मान से यह तथ्य पूरी तरह रेखांकित होता है कि उत्तराखंड अपनी स्टार्टअप नीति के जरिए नवाचार, उद्यमिता, निवेश प्रोत्साहन और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने में कामयाब रहा है, जिसे अब राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है। प्रदेश की इस उपलब्धि पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि, यह सम्मान उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। हमारी सरकार ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल नीतियां, सरल प्रक्रियाएं और मजबूत इको सिस्टम विकसित किया है। राज्य के युवाओं में नवाचार की अद्भुत क्षमता है और सरकार हर स्तर पर उन्हें सहयोग प्रदान कर रही है। यह उपलब्धि प्रदेश के सभी उद्यमियों, स्टार्टअप्स और अधिकारियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए धामी सरकार स्टार्टअप नीतियों के तहत अनेक प्रकार के प्रोत्साहन देती चली आ रही है। सरकार की तरफ से युवाओं को ऋण भी उपलब्ध कराया जाता है। जिसमें सब्सिडी का भी प्रावधान है। इससे युवाओं को तरह-तरह के रोजगार शुरू करने में अच्छी खासी सहायता भी मिलती है। सरकार के इस ऋण और सब्सिडी वाले प्रोत्साहन का लाभ लेकर प्रदेश के कई युवाओं ने अपने गांव में ही स्टार्टअप शुरू किया है और इसके माध्यम से युवा पयालन पर रोक के साथ ही अन्य ग्रामीणों को भी रोजगार दे रहे हैं। पीएम मोदी भी ऐसे युवाओं से ‘मन की बात’ कार्यक्रम के तहत संवाद कर कई बार उनका मनोबल बढ़ा चुके हैं।






