किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने दलित पत्रकार प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की
रुद्रपुर/बाजपुर। किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बाजपुर निवासी दलित पत्रकार विमल भारती उर्फ गोल्डी निर्भीक के साथ कथित पुलिसिया ज्यादती तथा उनके घर के ढांचे को ध्वस्त किए जाने की घटना को अत्यंत गंभीर और चिंताजनक बताया है। उन्होंने कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार पत्रकार के घर पर जेसीबी मशीन चलाकर ढांचा तोड़ा गया, मोबाइल रिकॉर्डिंग जब्त की गई तथा गिरफ्तारी के दौरान शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न के साथ जातिसूचक शब्दों के प्रयोग के आरोप भी सामने आए हैं। यदि ये तथ्य सत्य हैं तो यह मानवाधिकारों का उल्लंघन होने के साथ-साथ लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा आघात है।
उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं और उनकी आवाज़ दबाने का कोई भी प्रयास लोकतंत्र को कमजोर करता है। प्रशासनिक कार्रवाई कानून के दायरे में, पारदर्शी और संवेदनशील होनी चाहिए। कानून से ऊपर कोई नहीं है, लेकिन उसका पालन संविधान की मर्यादाओं के अनुरूप होना भी आवश्यक है।
विधायक बेहड़ ने पूर्व में काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह की कथित पुलिस उत्पीड़न से त्रस्त होकर आत्महत्या की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि उस प्रकरण ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था और उच्चस्तरीय जांच के आदेश भी दिए गए थे। ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है।
उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री, राज्यपाल और पुलिस महानिदेशक से पूरे प्रकरण का तत्काल संज्ञान लेकर निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग की है। साथ ही कहा कि यदि किसी स्तर पर दोष सिद्ध होता है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित पत्रकार को सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित किया जाए।
विधायक ने बाजपुर और काशीपुर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं प्रबुद्ध नागरिकों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सत्य, न्याय और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की। उन्होंने प्रशासन और जांच एजेंसियों से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक करने और प्रदेश में कानून का राज सुनिश्चित करने की मांग की।






