अल्मोड़ के हितेश ने बढाया मान, तीन बार NET क्वालीफाई अब एमए इतिहास मे गोल्ड मेडल
हल्द्वानी। कहते हैं कि सच्ची मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती—इस कहावत को अल्मोड़ा जनपद के तल्ला दानिया निवासी हितेश चंद्रा ने अपने उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन से सच कर दिखाया है। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी के दशम दीक्षांत समारोह में इतिहास विषय से एमए की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले हितेश चंद्रा को विश्वविद्यालय गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) से गोल्ड मेडल प्राप्त करना हितेश के लिए केवल सम्मान नहीं, बल्कि वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण की पहचान है। सीमित संसाधनों के बावजूद निरंतर अध्ययन और लक्ष्य के प्रति अडिग रहने वाले हितेश ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा अवसर की मोहताज नहीं होती।
हितेश चंद्रा शुरू से ही पढ़ाई में होनहार रहे हैं। उन्होंने तीन बार नेट (NET) परीक्षा उत्तीर्ण कर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ दिखाई। इसके साथ ही बीएड की परीक्षा पास कर उन्होंने शिक्षण क्षेत्र में भी अपनी योग्यता सिद्ध की। अब एमए इतिहास में गोल्ड मेडल प्राप्त कर उन्होंने अपनी शैक्षणिक प्रतिभा का लोहा पूरे प्रदेश में मनवाया है।
हितेश के पिता प्रताप सिंह और माता माधवी देवी बेटे की इस ऐतिहासिक सफलता पर गर्व से भावुक हैं। बेटे की उपलब्धि ने न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। गोल्ड मेडल मिलने की खबर से तल्ला दानिया सहित आसपास के क्षेत्रों में खुशी और उत्साह का माहौल है।
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कुलाधिपति ने विद्यार्थियों से शिक्षा को समाज और राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाने का आह्वान किया। हितेश चंद्रा की यह सफलता आज के युवाओं के लिए प्रेरणा है कि निरंतर परिश्रम, आत्मविश्वास और धैर्य के साथ किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।






