गुरु गोविंद सिंह जी के चार पुत्र अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह थे ।जिन्होंने धर्म और न्याय के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था  –  भारत भूषण चुघ 

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गुरु गोविंद सिंह जी के चार पुत्र अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह थे ।जिन्होंने धर्म और न्याय के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था  –  भारत भूषण चुघ

 

रुद्रपुर – चार साहबजादों के शहीदी दिवस के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। युवा पंजाबी सभा के प्रदेश अध्यक्ष और समाजसेवी भारत भूषण चुघ के नेतृत्व में अग्रसेन चौक पर आज प्रातः चार साहबजादों को नमन करते हुए भंडारे का आयोजन किया गया ।जहां सैकड़ो लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इससे पूर्व गुरुद्वारा साहब के ग्रंथी ने शबद पाठ किया जिसमें सभी ने सहभागिता की। चुघ ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी के चार पुत्र अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह थे ।जिन्होंने धर्म और न्याय के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि वर्ष 1704 में मुगलों के खिलाफ लड़ाई लड़ते हुए उन्होंने अपनी शहादत दी। अजीत सिंह और जुझार सिंह चमकौर के युद्ध में शहीद हो गए थे ।जबकि जोरावर सिंह और फतेह सिंह को इस्लाम कबूल ना करने पर सरहिंद के नवाब ने दीवार में जिंदा चुनवा दिया था। सिख इतिहास में साहस और विश्वास का यह सबसे बड़ा बलिदान कहा गया है और 26 दिसंबर को भी उनकी याद में वीर बाल दिवस मनाया जाता है। चुघ ने कहा कि चारों साहबजादों ने बचपन से ही सिख धर्म की शिक्षा और साहस के मूल्यों को आत्मसात कर देश की रक्षा और धर्म के खातिर अपना बलिदान दिया जिसे आज की युवा पीढ़ी को स्मरण करना चाहिए। चार साहबजादों की याद में अग्रसेन चौक पर विशाल भंडारा लगाया गया जहां सैकड़ो लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान पूर्व दर्जा राज्य मंत्री सुरेश परिहार, पूर्व मेयर रामपाल सिंह, प्रीती धीर, तरुण चुघ, मनीष चुघ, शिवकुमार शिबू, मनोज गुप्ता, संजीव गुप्ता ,कमल सोनकर, मनजीत सिंह, रवि कालड़ा सहित तमाम लोग मौजूद थे।


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