पराग फार्म प्रकरण: धान की कटाई में देरी से किसानों को भारी नुकसान, सरकार-प्रशासन पर उदासीनता के आरोप
पराग फार्म प्रकरण पर डॉ. गणेश उपाध्याय का हमला—सरकार-प्रशासन की उदासीनता उजागर
हाईकोर्ट में कमजोर पैरवी से किसानों को नुकसान: डॉ. गणेश उपाध्याय
डॉ. गणेश उपाध्याय बोले—प्रशासन की देरी ने छीनी किसानों की मेहनत
किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस—डॉ. गणेश उपाध्याय
रुद्रपुर/सितारगंज। उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में पराग फार्म क्षेत्र के किसानों को धान की फसल समय पर न कटने के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इस मुद्दे को लेकर सरकार और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डॉ गणेश उपाध्याय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही और समय पर प्रभावी पैरवी न किए जाने के कारण किसानों की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। उन्होंने कहा कि यदि हाई कोर्ट में मामले को मानवता के आधार पर मजबूती से रखा जाता, तो आज किसानों को इस संकट का सामना नहीं करना पड़ता।
उन्होंने बताया कि पराग फार्म में कई किसानों ने जमीन ठेके पर लेकर खेती की थी, लेकिन फसल कटाई में देरी के चलते वे कर्ज के भारी बोझ तले दब गए हैं। इसका सीधा असर उनके परिवारों और बच्चों की शिक्षा पर भी पड़ रहा है। कुछ किसानों की तनाव के चलते हार्ट अटैक से मृत्यु होने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जो बेहद चिंताजनक है।
इसके अलावा सितारगंज के ग्राम गडरिया बाग में किच्छा शुगर फैक्ट्री के बंद होने के कारण गन्ने की फसल भी कई एकड़ में खड़ी रह गई है, जिससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
डॉ उपाध्याय ने मांग की है कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप कर मानवता के आधार पर किसानों की समस्याओं का समाधान करें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी किसान की आत्महत्या जैसी स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही किसानों को राहत नहीं दी गई, तो कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होगी।







