अटरिया मार्ग के निर्माण को लेकर श्रेय विवाद तेज, पूर्व विधायक शुक्ला का बेहड़ पर निशाना
रुद्रपुर/किच्छा। अटरिया मार्ग के निर्माण को लेकर श्रेय की राजनीति तेज हो गई है। पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने विधायक तिलक राज बेहड़ पर झूठा श्रेय लेने और प्रायोजित स्वागत कराने का आरोप लगाते हुए इसे “राजनीतिक बेशर्मी” करार दिया है।
जारी प्रेस विज्ञप्ति में शुक्ला ने कहा कि 13 अक्टूबर 2024 को किच्छा स्थित इंदिरा गांधी खेल मैदान में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके अनुरोध पर अटरिया मार्ग निर्माण की घोषणा की थी। इसके साथ ही अन्य विकास कार्यों की भी घोषणा की गई थी, जिन पर बाद में शासनादेश जारी कर निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराई गई।
उन्होंने बताया कि अटरिया-सिडकुल मार्ग के लिए 22 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने पर आनंदपुर राघवनगर सहित आसपास के गांवों की जनता ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और उनका नागरिक अभिनंदन किया। इसके बावजूद बेहड़ द्वारा इस कार्य का श्रेय लेने के लिए स्वागत कार्यक्रम आयोजित करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
शुक्ला ने यह भी कहा कि उसी जनसभा में नमक फैक्ट्री बंडिया के ध्वस्त पुल के निर्माण की घोषणा भी हुई थी, जिसकी प्रथम चरण की धनराशि स्वीकृत होने के बाद भी बेहड़ द्वारा उसका श्रेय लेने की कोशिश की जा रही है।
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि 1993 से 2012 तक विधायक रहने के दौरान बेहड़ क्षेत्र में कोई उल्लेखनीय कार्य नहीं करा पाए। लालपुर-नगला मार्ग की जर्जर स्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसका नवनिर्माण उनके कार्यकाल में कराया गया।
शुक्ला ने जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने से क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण कार्यों का हवाला देते हुए कहा कि उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी (UUSDA) द्वारा किच्छा और सिरौली कला नगर पालिका क्षेत्रों में 498 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बेहड़ इन कार्यों का भी झूठा श्रेय लेने के लिए फर्जी उद्घाटन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल में बेहड़ परिवहन मंत्री रहते बस अड्डा, स्वास्थ्य मंत्री रहते अस्पताल का उच्चीकरण और क्षेत्र में शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना तक नहीं करा पाए। जबकि उन्होंने बिना मंत्री बने किच्छा में डिग्री कॉलेज, इंटर कॉलेज, हाईटेक बस अड्डा, मेडिकल कॉलेज और अस्पताल उन्नयन जैसे कार्य कराए।
शुक्ला ने आरोप लगाया कि विधायक बनने के बाद बेहड़ शुरुआती दो वर्षों तक निष्क्रिय रहे और बाद में सरकार में न होने का बहाना बनाते रहे। अब जब विकास कार्यों के लिए धनराशि स्वीकृत हो रही है तो वे उनका श्रेय लेने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले बेहड़ मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचार और खनन माफियाओं को संरक्षण देने के आरोप लगाते रहे, लेकिन अब उन्हीं के साथ तस्वीरें लगाकर श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं।
अंत में शुक्ला ने कहा कि क्षेत्र की जनता बेहड़ की “झूठ और फरेब की राजनीति” को समझ चुकी है और उनके मंसूबे सफल नहीं होने दिए जाएंगे।







