*_दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 जनवरी से शुरू, प्रदूषण और बुनियादी ढांचे पर घमासान के आसार_*
नई दिल्ली: दिल्ली में एक बार फिर राजनीति सरगर्मी बढ़ने वाली है. दिल्ली विधानसभा का बहुप्रतीक्षित शीतकालीन सत्र आगामी 5 जनवरी 2026 से शुरू होने जा रहा है. मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में सत्र 5 से 8 जनवरी तक बुलाने की मंजूरी दी गई है. इस सत्र के दौरान राजधानी से जुड़े कई महत्वपूर्ण विधायी कार्यों और जनहित के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी.सत्र के पहले दिन से ही सदन में हंगामे के आसार जताए जा रहे हैं. विपक्षी दल (आम आदमी पार्टी) ने सरकार को घेरने के लिए कमर कस ली है. मुख्य रूप से बढ़ता वायु प्रदूषण, यमुना की सफाई और शहर में गंदगी जैसे मुद्दों पर विपक्ष सत्ताधारी पार्टी (बीजेपी) से जवाब मांगेगा. हाल ही में राजधानी में सड़कों की स्थिति और मोहल्ला क्लिनिक बंद होने व अस्पतालों में दवाइयों की कमी को लेकर उठे विवादों पर भी तीखी बहस होने की संभावना है.
दिल्ली सरकार का एजेंडा
दूसरी ओर, सरकार इस सत्र में कई महत्वपूर्ण अनुपूरक अनुदान मांगों को मंजूरी दिला सकती है. शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में चल रही योजनाओं के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान सत्र के मुख्य एजेंडे में शामिल है. मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों द्वारा जनहित से जुड़ी नई घोषणाएं किए जाने की भी उम्मीद है.
विधानसभा अध्यक्ष ने मनोहर लाल खट्टर से की मुलाकात
दिल्ली विधान सभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को केंद्रीय शहरी विकास एवं विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर से शिष्टाचार भेंट की. इस अवसर पर अध्यक्ष ने उन्हें “दिल्ली विधान सभा की प्रस्तुति शताब्दी-यात्रा, वीर विठ्ठलभाई पटेल” शीर्षक पर विशेष रूप से प्रकाशित कॉफी टेबल बुक भेंट की. यह पुस्तक केंद्रीय विधान सभा के प्रथम भारतीय निर्वाचित अध्यक्ष वीर विठ्ठलभाई पटेल को समर्पित है.
केंद्रीय मंत्री ने इस भेंट के दौरान बताया कि दिल्ली में लगभग 72,000 करोड़ की विकास परियोजनाएं वर्तमान में प्रगति पर हैं तथा राष्ट्रीय राजधानी के लिए कई नई योजनाएं भी पाइपलाइन में हैं. उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्रीय रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) दिल्ली में परिचालित की जाएगी, जिससे पानीपत से करनाल तक की कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी. साथ ही, दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण हेतु कई योजनाबद्ध एवं क्रियान्वित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य शहरी गतिशीलता एवं क्षेत्रीय संपर्क को और बेहतर बनाना है.






