*_’ट्रंप मानवता के दुश्मन’, भारत में क्यूबा के राजदूत ने अमेरिका पर निकाला गुस्सा_*

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*_’ट्रंप मानवता के दुश्मन’, भारत में क्यूबा के राजदूत ने अमेरिका पर निकाला गुस्सा_*

कोलकाता: वेनेजुएला में अमेरिकी सेना की कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेने के तरीके की अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने आलोचना की है. वहीं, विशेषज्ञों का दावा है कि वेनेजुएला के बाद क्यूबा पर भी हमला होने की संभावना है. इसी पृष्ठभूमि में, भारत में क्यूबा के राजदूत जुआन कार्लोस मार्सन ने अमेरिका के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया. कोलकाता दौरे पर आए मार्सन आरोप ने लगाया कि अमेरिका क्यूबा पर कई तरह की पाबंदियां लगा रहा है.

क्यूबा के राजदूत मार्सन यहां ‘अखिल भारतीय शांति और एकजुटता संगठन (AIPSO)’ की एक चर्चा में मुख्य वक्ता थे. उनके साथ डॉ. माइकी डियाज पेरेज भी थे, जो कोलकाता इंटरनेशनल चिल्ड्रन्स फिल्म फेस्टिवल में एक क्यूबन फिल्म का उद्घाटन करने कोलकाता आए थे. पेरेज ने दावा किया कि वह भारतीय लोगों के साथ क्यूबाई नागरिकों के दिलों की गर्माहट साझा करने आए.

दूसरी ओर, भारत में क्यूबाई राजदूत जुआन कार्लोस मार्सन ने कहा, “पूरी दुनिया में कट्टरपंथी ताकतें बढ़ रही हैं. अगर हम उनका सामना नहीं करेंगे, तो खतरा और बढ़ जाएगा. कानून के राज को तोड़ने की कोशिशें की जा रही हैं.”

वेनेजुएला का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा, “आज, एक साम्राज्यवादी ताकत हमला कर रही है और धमकियां दे रही है. वेनेजुएला की आर्थिक ताकत का मुख्य स्रोत उसके तेल के संसाधन हैं. अमेरिकी साम्राज्यवाद का मुख्य मकसद लैटिन अमेरिकी देशों के खनिजों और प्राकृतिक संसाधनों को लूटना और उनके लोकतांत्रिक राज्य ढांचे को खत्म करना है.”

उन्होंने आगे कहा, “वेनेजुएला के साथ जो हुआ है, उसका असर क्यूबा पर पड़ा है. इस हमले का सामना करने के लिए सभी को एकजुट होना होगा. जिस तरह से वेनेजुएला पर हमला किया गया है, वह सही नहीं है. साम्राज्यवादी ट्रंप मानवता के दुश्मन हैं, वह पूरी तरह से अपना दबदबा बनाने की कोशिश कर रहे हैं. क्यूबा के लोग इस साम्राज्यवादी ताकत के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखे हुए हैं. अगर उन्हें लगता है कि वे क्यूबा पर हमला करके उस पर कब्जा कर सकते हैं, तो यह उनके लिए इतना आसान नहीं होगा.”

 

क्यूबा के राजदूत ने आगे कहा, “हमें सिर्फ एक राज्य शक्ति के बारे में नहीं सोचना चाहिए. डोनाल्ड ट्रंप अलग-अलग लैटिन अमेरिकी देशों में सरकारों के प्रमुखों को जबरदस्ती हटाना चाहते हैं, जो लेफ्ट-विंग से आते हैं और राइट-विंग साम्राज्यवादी नियंत्रण बनाना चाहते हैं. हमें वैश्विक मानवता और दुनिया में शांति चाहने वालों के लिए लड़ाई जारी रखनी चाहिए. हमारा सिद्धांत है समाजवाद या मौत.”

भारत के बारे में उन्होंने कहा, “आजादी के समय से ही क्यूबा के भारत के साथ अच्छे रिश्ते रहे हैं. हम आज यहां यह महसूस कर सकते हैं. भारत क्यूबा के आज के संघर्ष का समर्थन करता है. इस समर्थन को और मजबूत किया जाना चाहिए.”

3 जनवरी को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिकी सेना ने किडनैप कर लिया और अमेरिका ले गई. इसके बाद अमेरिका ने वेनेजुएला पर नियंत्रण कर लिया है.

इस घटना की निंदा करते हुए, वकील विकास रंजन भट्टाचार्य ने कहा, “ट्रंप प्रशासन वेनेजुएला के आर्थिक और लोकतांत्रित ढांचे पर अपना दबदबा बनाने की कोशिश कर रहा है, जिससे क्यूबा की आर्थिक संप्रभुता को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है.”


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