*_त्रिपुरा एंजेल चकमा हत्याकांड: SSP का नस्लीय टिप्पणी से इनकार, मुख्य आरोपी भी नॉर्थ ईस्ट निवासी_*
देहरादून (उत्तराखंड): देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या मामले पर नया मोड़ आ गया है. मामले की जांच कर रहे देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने नस्लीय टिप्पणी को लेकर विवाद और फिर हत्या की जानकारी को गलत करार दिया है. साथ ही एसएसपी ने बताया कि मृतक एंजेल चकमा का विवाद आरोपी मणिपुर के युवक से हुआ था. ऐसे में दोनों ही नॉर्थ ईस्ट से संबंधित हैं.
देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले को सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि इस तरह की कोई भी घटना प्रदेश में स्वीकार्य नहीं है. सरकार अराजक सख्ती से निपटेगी और इस तरह की घटनाओं में शामिल रहने वालों को बक्सा नहीं जाएगा.
इधर, पुलिस ने इस पूरे मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि दो नाबालिग आरोपियों को बाल सुधार गृह भेजा गया है. इस हत्या के मामले में एक आरोपी यज्ञ राज अवस्थी निवासी नेपाल फरार है, जिस पर 25 हजार रुपए का इनाम रखा गया है. आरोपी की तलाश की जा रही है. फरार आरोपी हरिद्वार में पढ़ाई करता है, इसलिए पुलिस की एक टीम हरिद्वार और एक टीम को नेपाल भेजा गया है.
घटना 9 दिसंबर की है. जब देहरादून में रहकर एमबीए कर रह त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा और उसके भाई के साथ मारपीट की गई थी. मारपीट में चकमा गंभीर रूप से घायल हो गया था. 17 दिन बाद 26 दिसंबर को ग्राफिक एरा अस्पताल में उपचार के दौरान एंजेल चकमा की मौत हो गई थी.
एसएसपी ने नस्लीय टिप्पणी होने की बात से किया इनकार: वहीं, क्या ये पूरा विवाद नस्लीय टिप्पणी से शुरू हुआ? इस पर देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने जवाब देते हुए मामले को स्पष्ट किया. एसएसपी ने इसे नकारते हुए कहा कि-
अबतक की जांच में यह सामने आया है कि पीड़ित पक्ष और हमलावर दोनों नॉर्थ ईस्ट के ही रहने वाले हैं. इसलिए नस्लीय टिप्पणी की बात इसलिए भी सामने नहीं आती, क्योंकि सभी एक ही जगह से हैं. गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह आपस में बैठकर कुछ बातें कर रहे थे. इसी दौरान मृतक और उसके भाई को लगा कर वह टिप्पणी, उन दोनों के लिए की गई है. इसी कन्फ्यूजन में यह घटना हुई.
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनकी ऐसी कोई मंशा नहीं थी कि मृतक और उसके भाई पर कोई टिप्पणी की जाए. पूछताछ में ये भी बताया है कि वह आपस में बैठकर हंसी मजाक कर रहे थे. मृतक और उसके भाई को पहले से नहीं जानते थे.
– अजय सिंह, एसएसपी देहरादून –
इस मामले को लेकर 29 दिसंबर को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एंजेल चकमा के पिता से फोन पर बात की और निष्पक्ष और पारदर्शी जांच का आश्वासन दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि हत्या में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. उधर, राहुल गांधी ने मामले पर भाजपा पर कटाक्ष किया है. राहुल गांधी ने कहा कि ‘देहरादून में एंजेल चकमा और उनके भाई माइकल के साथ जो हुआ, वह एक भयानक नफरत का अपराध है’.






