*_नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल हो रहे, ये संतोषजनक बदलाव: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू_*

Spread the love

*_नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल हो रहे, ये संतोषजनक बदलाव: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू_*

सरगुजा: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिस्म छोड़कर मुख्यधारा में जुड़ रहे हैं. केंद्र और राज्य सरकारों के सुविचारित सुसंगठित प्रयासों से निकट भविष्य में लेफ्ट विंग का उन्मूलन हो जाएगा. इसके लिए केंद्र और राज्य मिलकर कई कदम उठा रहे हैं. ये संतोषजनक बदलाव है.राष्ट्रपति ने कहा “बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार से ज्यादा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. ये बहुत खुशी की बात है. मुझे विश्वास है कि जनजातीय महानायकों के आदर्शों पर चलकर छत्तीसगढ़ के निवासी सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के योगदान में अमूल्य योगदान देंगे.”

सरगुजा में जनजातीय गौरव दिवस समारोह में शामिल होने पहुंची राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ये बातें कही. विशेष विमान से अंबिकापुर हवाई अड्डे पहुंची राष्ट्रपति मुर्मू का राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वागत किया.

जनजातीय गौरव दिवस समारोह के मंच पर पहुंचने के बाद राज्यपाल रमेन डेका ने भित्ती चित्र की कलाकृति देकर राष्ट्रपति मुर्मू का स्वागत किया. भित्ती चित्र छत्तीसगढ़ के सरगुजा अंचल में बनाई जाती है. इसमें दीवारों पर मिट्टी से आकृति उकेर कर जनजाति के बारे में बताया जाता है. इसके बाद सीएम साय ने भगवान बिरसा मुंडा की कांसे की मूर्ति राष्ट्रपति को भेंट की. इसके बाद जनजातीय नृत्य प्रस्तुत किया गया जिसे देखकर राष्ट्रपति काफी खुश हुई.

जनजातीय समाज प्रमुखों और कलाकारों का सम्मान: इसके बाद राष्ट्रपति ने जनजातीय समाज प्रमुखों को सम्मानित किया. स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के वंशज जान सिंह गौंड को सम्मानित किया गया. माता राजमुनि देवी के वंशज राममुनि देवी को सम्मानित किया. इसके बाद कई और जनजातीय कलाकारों को सम्मानित किया गया.

 

छत्तीसगढ़ी में शुरू किया भाषण: जनजातीय गौरव दिवस समारोह के मंच पर पहुंची राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छत्तीसगढ़ी में अपना संबोधन शुरू किया. जिसके बाद कार्यक्रम में तालियां गूंजने लगी. उन्होंने कहा कि 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ ने 25 वर्ष पूरे होने पर रजत जयंती मनाया. सभी प्रदेशवासियों को बहुत बहुत बधाई. छत्तीसगढ़ में एक तिहाई जनसंख्या जनजातीय समुदाय की है. राज्य औऱ देश का विकास औऱ जनजातीय समाज का विकास एक दूसरे के पूरक है.

15 नवंबर को देशवासियों ने पांचवां जनजातीय गौरव दिवस मनाया. इस पावन अवसर पर संसद भवन में धरती आबा बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने का सौभाग्य मिला. झारखंड में स्थित बिरसा मुंडा के जन्म स्थान और गांव उलिहातू में जाकर 15 नवंबर 2022 को उनकी प्रतिमा पर माल्यर्पण करने का सौभाग्य मिला था. वो अनुभव मेरे जीवन में सदा की स्मृतियों में है.

राष्ट्रपति ने की सीएम साय और छत्तीसगढ़ की सराहना: राष्ट्रपति ने आगे कहा “इस साल छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने 1 नवंबर से 15 नवंबर तक जनजातीय गौरव पखवाड़ा मनाया. इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार और सीएम साय की सराहना करती हूं. नया रायपुर में आदिवासी जननायक शहीद वीर नारायण संग्रहालय की शुरुआत पीएम मोदी ने की. ये संग्रहालय प्रदेशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा.”

द्रौपदी मुर्मू ने कहा “जनजाति समुदाय का योगदान भारत के इतिहास का गौरवशाली अध्याय है. भारत लोकतंत्र की जननी है. इसका उदाहरण प्राचीन गणराज्य के साथ साथ बस्तर की मुरिया दरबार नामक आदिम जनसंसद में देखी जा सकती है.”

“छत्तीसगढ़ और ओडिशा का रोटी बेटी का रिश्ता:” राष्ट्रपति ने कहा “छत्तीसगढ़ में अपनापन महसूस होता है. यहां से ओडिशा और झारखंड लगभग 200 किलोमीटर की दूरी है. राजनीति से पहले कई बार छत्तीसगढ़ आई हूं. ओडिशा औऱ छत्तीसगढ़ का रिश्ता रोटी बेटी का नाता है. इसलिए हमारी दोस्ती चली आ रही है. अधिकांश जीवन ओडिशा में बीता. झारखंड में राज्यपाल के रूप में काम किया. छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड सहित कई राज्यों में जनजातीय विरासत की जड़ें काफी गहरी है. इस जनसमुह में समृद्ध जनजातीय विरासत और आधुनिक विरासत का समन्यवय दिखाई दे रहा है.”

उन्होंने आगे कहा- “हेलीपेड से आते हुए जनजातीय समाज और परंपरा नजर आ रही थी. धन्यवाद देना चाहती हूं छत्तीसगढ़ के आदिवासी भाई बहनों को जिन्होंने अपनी संस्कृति को बनाए रखा है, ये हमारी पहचान है ये हमारी धरोहर है. हमारी संस्कृति जीवित रहनी चाहिए. मैं भी जनजातीय समुदाय की बेटी हूं. महिला होने और आदिवासी समाज में जन्म लेने पर मुझे गर्व है. महिला आगे बढ़ेगी तो समाज आगे बढ़ेगा.”

भगवान बिरसा मुंडा के 151वीं जयंती के दौरान कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. बिरसा मुंडा ऐसे वीर थे जिन्होंने अंग्रेजों की हालत खऱाब कर दी थी. अंग्रेजों को दिनरात सिर्फ बिरसा मुंडा ही नजर आता था. जनजातीय समाज को आगे बढ़ाना होगा और हमारी संस्कृति को मजबूत करना होगा. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज के लिए कई कार्य किए जा रहे हैं. राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ राज्यगीत की तारीफ की.


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *