*_तारिक रहमान ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, शपथग्रहण में ओम बिरला भी शामिल_*
ढाका। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेता तारिक रहमान ने मंगलवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. इसके साथ ही, नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस नीत अंतरिम सरकार का 18 महीने से जारी शासन समाप्त हो गया, जिस दौरान बांग्लादेश में राजनीतिक अनिश्चितता और अराजकता की स्थिति रही थी. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बांग्लादेश के शीर्ष राजनीतिक एवं सैन्य नेतृत्व की उपस्थिति में जातीय संसद के ‘साउथ प्लाजा’ के खुले परिसर में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया. उनके साथ विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी थे.
राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने रहमान (60) को परंपरा से हटते हुए, बंगभवन के बजाय जातीय संसद के ‘साउथ प्लाजा’ में पद की शपथ दिलाई. पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और दिवंगत राष्ट्रपति जियाउर रहमान के पुत्र रहमान 17 वर्षों तक स्वनिर्वासन में लंदन में रहने के बाद दो महीने पहले स्वदेश लौटे थे. प्रधानमंत्री के पद पर उनका कार्यकाल पांच वर्षों का होगा. दिन में, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के सांसदों ने रहमान को संसदीय दल का नेता चुना.
बांग्लादेश में 12 फरवरी को हुए 13वें संसदीय चुनावों में बीएनपी ने 297 में से 209 सीटें जीतीं, जबकि कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी ने 68 सीटें हासिल कीं. अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया था.
चुनाव परिणाम बीएनपी के लिए एक बड़ा उलटफेर साबित हुआ. पार्टी अवामी लीग के 15 वर्षों के शासनकाल में निशाने पर रही थी। अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के कारण अवामी लीग सरकार सत्ता से बेदखल हुई थी. इससे पहले 13वीं जातीय संसद (जेएस) के नवनिर्वाचित सांसदों ने संसद सदस्य के रूप में शपथ ली. रहमान पहली बार प्रधानमंत्री बने हैं.
उन्होंने अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस का स्थान लिया है, जिनके कार्यकाल में बांग्लादेश और भारत के संबंधों में काफी गिरावट आई. यूनुस ने अगस्त 2024 में अंतरिम सरकार की बागडोर संभाली थी. चुनाव के बाद एक प्रेस वार्ता में रहमान ने राष्ट्रीय हित में ‘‘राष्ट्रीय एकता’’ और ‘‘शांति’’ की अपील की तथा आगाह किया कि विभाजनकारी नीतियां लोकतंत्र को कमजोर करेंगी.
उन्होंने कहा था कि देश एक नाजुक अर्थव्यवस्था, कमजोर संस्थाओं और बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति का सामना कर रहा है. रहमान ने कहा, ‘‘हमारे रास्ते और विचार भले ही अलग-अलग हों, लेकिन देश के हित में हमें एकजुट रहना होगा. मेरा दृढ़ विश्वास है कि राष्ट्रीय एकता हमारी सामूहिक शक्ति है, जबकि विभाजन हमारी कमजोरी है.’’ उन्होंने कहा कि नयी सरकार के समक्ष दो प्रमुख चुनौतियां हैं – अर्थव्यवस्था को संभालना और सुशासन सुनिश्चित करना.
बांग्लादेश : शपथ ग्रहण के बाद मंत्रिमंडल का हुआ बंटवारा
बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने शपथ ग्रहण के बाद मंत्रिमंडल का बंटवारा किया. नए मंत्रिमंडल में डॉ. खलीलुर रहमान को विदेश मंत्री, शमा ओबैद को राज्य विदेश मंत्री, अमीर खसरू महमूद को वित्त और योजना मंत्री, सलाहुद्दीन अहमद को गृह मंत्री, अब्दुल अवल मिंटू को पर्यावरण और वानिकी मंत्री और खांडुकेर अब्दुल मुक्तादिर को वाणिज्य मंत्री के रूप में शामिल किया गया है. हिंदू नेता निताई रॉय चौधरी को भी कैबिनेट में जगह मिली.






