*_’रिसिन’ जहर आतंकी साजिश: गुजरात ATS ने डॉक्टर सैयद के हैदराबाद स्थित घर से रसायन जब्त किया_*
हैदराबाद: घातक रासायनिक जहर ‘रिसिन’ से जुड़ी आतंकी साजिश मामले की जांच कर रहे गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) ने गिरफ्तार डॉक्टर अहमद मोहिउद्दीन सैयद के हैदराबाद स्थित घर पर तलाशी ली. वहां से एटीएस ने रसायन और कच्चा माल जब्त किया.
एटीएस की पांच सदस्यीय एक विशेष टीम बुधवार तड़के करीब 2 बजे राजेंद्रनगर स्थित फोर्टव्यू कॉलोनी पहुंचकर मुख्य आरोपी डॉ. अहमद मोहिउद्दीन सैयद के आवास पर डेढ़ घंटे से ज्यादा समय तक तलाशी ली.
कार्रवाई के दौरान, अधिकारियों ने कथित तौर पर एक अज्ञात रसायन, रिसिन जहर बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल, एक कोल्ड प्रेस मशीन, एक कंप्यूटर, और कई किताबें और दस्तावेज जब्त किए. अरंडी के बीजों (Castor Beans) से प्राप्त एक अत्यधिक विषैला यौगिक, राइसिन, सबसे घातक जैविक कारकों में से एक माना जाता है.सूत्रों ने बताया कि, राजेंद्रनगर पुलिस को इस कार्रवाई की पहले ही सूचना दे दी गई थी. हालांकि, तलाशी के दौरान उन्हें परिसर में घुसने नहीं दिया गया. माना जा रहा है कि गुजरात एटीएस टीम ने मामले की चल रही जांच के दौरान मिली विशिष्ट खुफिया सूचनाओं के आधार पर यह बड़ी कार्रवाई की.
दस्ते ने उत्तर प्रदेश के रहने वाले दो अन्य आरोपियों, आजाद सुलेमान शेख और मोहम्मद सुहैल सलीम खान के आवासों पर भी एक साथ छापेमारी की. इन छापों का उद्देश्य आरोपियों और संभावित आतंकी नेटवर्क के बीच संबंधों को स्थापित करने के लिए और सबूत इकट्ठा करना था.
मोहिउद्दीन के घर से जब्त किए गए रासायनिक पदार्थों को उनकी संरचना और संभावित उपयोग का पता लगाने के लिए विस्तृत विश्लेषण हेतु फोरेंसिक साइंस लैब भेज दिया गया है.
अधिकारी इस जारी जांच के बारे में चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन सूत्रों ने संकेत दिया है कि एटीएस को संदेह है कि यह समूह जहरीले यौगिकों के साथ प्रयोग कर रहा था और हो सकता है कि, जैविक हथियार तैयार करने के शुरुआती चरण में था.इस मामले ने हैदराबाद में ऐसी गतिविधियों की मौजूदगी को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं, जिसके कारण राज्य और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के बीच निगरानी और समन्वय बढ़ा दिया गया है.






