*_’नमस्ते ट्रंप ने हाउडी मोदी को पीछे छोड़ दिया’, कांग्रेस ने अमेरिका के साथ डील को भारत के खिलाफ बताया_*
नई दिल्ली: कांग्रेस ने अमेरिका के साथ अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और दावा किया कि यह डील पूरी तरह से भारत के खिलाफ है और सारी “आलिंगन कूटनीति और फोटो-ऑप्स” का कोई खास फायदा नहीं हुआ है.केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कांग्रेस पार्टी ने शनिवार को व्हाइट हाउस की एक रिलीज का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि अमेरिका अब इस बात पर नजर रखेगा कि भारत रूस से तेल आयात कर रहा है या नहीं. कांग्रेस ने कहा, “नाम नरेंद्र, काम सरेंडर”.
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि अभी जारी हुए अमेरिका-भारत संयुक्त वक्तव्य में विस्तृत विवरण साझा नहीं किया गया है. उन्होंने एक्स पर लिखा, “लेकिन जो पता चला है, उससे यह स्पष्ट है कि: भारत अब रूस से तेल आयात नहीं करेगा. इसके अलावा, अमेरिका ने घोषणा की है कि अगर भारत रूस से सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से तेल खरीदता है तो 25 प्रतिशत जुर्माना शुल्क फिर से लगाया जा सकता है.”
रमेश ने दावा किया कि यह भी पता चला है कि भारत, भारतीय किसानों की कीमत पर अमेरिकी किसानों की मदद के लिए आयात शुल्क में कटौती करेगा. रमेश ने कहा, “अमेरिका से भारत का वार्षिक आयात तीन गुना हो जाएगा, जिससे हमारा लंबे समय से चला आ रहा गुड्स ट्रेड सरप्लस (व्यापार अधिशेष) खत्म हो जाएगा. अमेरिका को भारत के आईटी और अन्य सेवाओं के एक्सपोर्ट पर बहुत अनिश्चितता बनी रहेगी. अमेरिका को भारत के गुड्स एक्सपोर्ट पर पहले से अधिक ड्यूटी लगेगी.”
कांग्रेस नेता ने कहा, “गले मिलना और फोटो खिंचवाना कुछ खास नहीं रहा. नमस्ते ट्रंप ने हाउडी मोदी को पीछे छोड़ दिया है.” उन्होंने 1964 की फिल्म “संगम” के मुकेश के मशहूर गाने “दोस्त दोस्त न रहा” की तर्ज पर यह भी कहा.
रमेश ने एक अन्य पोस्ट में कहा, “अमेरिका अब निगरानी करेगा कि भारत रूस से तेल आयातत कर रहा है या नहीं. अगर अमेरिका यह तय करता है कि भारत ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रूस से तेल आयात किया है, तो अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ पेनल्टी वापस आ जाएगी. यह सच में बहुत बड़ी बात है और हमने इसे मान लिया है! नाम नरेंद्र, काम सरेंडर.”
उधर, कांग्रेस मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, “भारत सरकार अमेरिका के टाइम जोन के हिसाब से चल रही है, क्योंकि सारे निर्णय अमेरिका के हिसाब से हो रहे हैं. हमारे लिए इससे ज्यादा खेदजनक बात और कुछ नहीं हो सकती. डील सामने बैठकर तय की जाती है, लेकिन कनपटी पर बंदूक रख, सीडी दिखाकर, ब्लैकमेल कर जो किया जाए- वो सरेंडर होता है.”
खेड़ा ने कहा, “यह (डील) उन सभी चीजों के साथ धोखा है जिनके लिए भारत खड़ा है, उन सभी चीजों के लिए जिनके लिए भारत पिछले 75 वर्षों से खड़ा रहा है. यह ऐसी डील नहीं है जो हमारे हित में हो. यह प्रधानमंत्री का पूरी तरह से सरेंडर है.”
डील भारत के हितों से समझौता: पवन खेड़ा
प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए उन्होंने आगे कहा, “यह व्यक्ति सिर्फ देश के हितों को सरेंडर करना जानता है. क्या ऐसा प्रधानमंत्री देश के लिए फायदेमंद हो सकता है? वह हितों से समझौता है.”
उन्होंने कहा, “यह पहली बार नहीं है. आपने नरेंद्र मोदी को हमारे हितों को अमेरिका के सामने सरेंडर करते देखा है, आपने नरेंद्र मोदी को चीन को क्लीन चिट देते देखा है,
अब हमने घोषणा की है कि हम अगले 5 साल में अमेरिका से 500 बिलियन डॉलर के प्रोडक्ट खरीदेंगे. वैसे अमेरिका की तरफ से ऐसी कोई प्रतिबद्धता नहीं है.”
एपस्टीन फाइलों का जिक्र करते हुए, कांग्रेस नेता खेड़ा ने कहा, “इस डील से भारत एक कूड़ा डालने का स्थान (Dumping Ground) बन गया है. मैं इसे डील नहीं कहता क्योंकि प्रधानमंत्री का नाम कहीं न कहीं सामने आ रहा है. यह एक ब्लैकमेल है, यह एक सरेंडर है.”
उन्होंने कहा, “यह एग्रीमेंट हमारी आत्म-सम्मान की कीमत पर किया गया है. मध्यम वर्ग, किसानों और MSMEs, सभी के हितों से समझौता किया गया है.”
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में यह सामने आएगा कि इस डील की वजह से किन क्षेत्रों पर असर पड़ेगा. खेड़ा ने कहा, “हम यह मुद्दा उठाएंगे. आप लोकसभा में राहुल गांधी को (बोलने से) रोक सकते हैं, लेकिन हम (सदन) के बाहर यह मुद्दा उठाते रहेंगे.”
रूस से तेल खरीदना बंद करने का वादा
अमेरिका ने कहा है कि भारत ने सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से रूस से तेल खरीदना बंद करने का वादा किया है, जिसके बाद भारतीय सामान पर अमेरिका द्वारा लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ 7 फरवरी से हटा दिए जाएंगे. व्हाइट हाउस की तरफ से जारी एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के अनुसार, भारत ने अगले 10 वर्षों में रक्षा सहयोग को बढ़ाने के लिए अमेरिका के साथ एक फ्रेमवर्क बनाने का भी वादा किया है.
बाद में, मीडिया से बात करते हुए रमेश ने कहा कि यह (ट्रेड पैक्ट) अभी भी एक स्टेटमेंट ऑफ इंटेंट है, क्योंकि इसकी डिटेल्स अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई हैं. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि अगले कुछ महीनों में इनकी घोषणा कर दी जाएगी.”
रमेश ने कहा, “आज, अमेरिका के साथ हमारा ट्रेड सरप्लस लगभग 45 बिलियन अमेरिकी डॉलर है. हमने घोषणा की है कि हम अगले पांच वर्षों में 500 बिलियन डॉलर और खरीदेंगे, जिसका मतलब है कि अमेरिका से आयात कम से कम तीन गुना हो जाएगा – हमने अगले पांच वर्षों के लिए 100 बिलियन डॉलर आयात करने का वादा किया है. आज हमारे पास ट्रेड सरप्लस है; यह बहुत अच्छी तरह से ट्रेड डेफिसिट बन सकता है.”
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि यह डील भारत के खिलाफ है. उन्होंने दावा किया कि ट्रंप की इस डील की घोषणा से पता चलता है कि यह भारत के अनुरोध पर किया गया था.






