*_चुनावी बिगुल बजने से ठीक पहले ममता का ‘मास्टरस्ट्रोक’: सरकारी कर्मचारियों का DA बकाया और धार्मिक गुरुओं का मानदेय बढ़ाया_*

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*_चुनावी बिगुल बजने से ठीक पहले ममता का ‘मास्टरस्ट्रोक’: सरकारी कर्मचारियों का DA बकाया और धार्मिक गुरुओं का मानदेय बढ़ाया_*
कोलकाताः पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के बिगुल बजने से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ‘मास्टरस्ट्रोक’ खेलते हुए दो बड़े वर्गों को साधने की कोशिश की है. सरकारी कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही डीए (DA) की मांग को हरी झंडी देने के साथ ही, उन्होंने धार्मिक गुरुओं के मानदेय में भी बढ़ोतरी का दांव चला है.
चुनावी तारीखों के आधिकारिक ऐलान से महज कुछ घंटे पहले आई इन घोषणाओं को, वोटिंग से पहले कर्मचारियों और पुजारियों-मुअज्जिनों को लुभाने के एक बड़े प्रयास के रूप में देखा जा रहा है.
ममता बनर्जी ने रविवार को घोषणा की कि उनकी सरकार इस साल मार्च से अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के डीए का बकाया चुकाएगी. इसमें शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी और सहायता प्राप्त संस्थानों के कर्मी भी शामिल होंगे. ममता बनर्जी ने पुरोहितों और मुअज्जिनों के मासिक मानदेय में भी 500 रुपये की बढ़ोतरी का एलान किया. इस संशोधन के बाद, अब इन लाभार्थियों को हर महीने 2,000 रुपये मिलेंगे.
उन्होंने ‘X’ (ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, “मुझे अपने पुरोहितों और मुअज्जिनों के मासिक मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है, जिनकी सेवा हमारे समुदायों के आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन को बनाए रखती है. इस संशोधन के साथ, अब उन्हें प्रति माह 2,000 रुपये मिलेंगे.” बनर्जी ने यह भी कहा कि पुरोहितों और मुअज्जिनों द्वारा जमा किए गए सभी नए आवेदनों को भी राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है.
ममता बनर्जी ने ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा, “हमारे वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचनाओं में बताए गए विवरण के अनुसार, उन्हें मार्च 2026 से अपना ROPA 2009 DA बकाया मिलना शुरू हो जाएगा.” यह बकाया ‘वेतन और भत्ते संशोधन’ (ROPA) 2009 से संबंधित है, जो सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी. इसमें शिक्षकों, नगर पालिका और पंचायत कर्मचारियों और अन्य सहायता प्राप्त संस्थानों के वेतन और भत्ते शामिल हैं.

राज्य सरकार के कर्मचारियों के एक वर्ग ने इस विवादित मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और डीए (DA) बकाया के भुगतान की मांग की थी. शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को 31 मार्च, 2026 तक अपने कर्मचारियों को डीए बकाया का 25 प्रतिशत हिस्सा जारी करने का आदेश दिया है.
महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी को लेकर सरकारी कर्मचारियों के संगठन ‘जॉइंट एक्शन फोरम’ के महासचिव भास्कर घोष ने कहा: “आज का दिन कर्मचारियों की एकता की जीत का दिन है. इस संघर्ष ने साबित कर दिया है कि अगर एकजुट होकर प्रभावी ढंग से लड़ाई लड़ी जाए, तो सत्ता चाहे कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, जीत हासिल की जा सकती है.”
अधिवक्ता विक्रम बनर्जी ने कहा, “13 तारीख को कर्मचारियों द्वारा बुलाई गई हड़ताल को पूरे राज्य में अभूतपूर्व समर्थन मिला था. इससे मुख्यमंत्री घबरा गई हैं. यह जीत इसलिए हासिल हुई क्योंकि कर्मचारी, सभी पार्टियों और विचारधाराओं से ऊपर उठकर, विरोध में सड़कों पर उतरे.”


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