*_जम्मू-कश्मीर को बहुत जल्द मिलेगा राज्य का दर्जा, श्रीनगर में बोले केंद्रीय कानून मंत्री मेघवाल_*

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*_जम्मू-कश्मीर को बहुत जल्द मिलेगा राज्य का दर्जा, श्रीनगर में बोले केंद्रीय कानून मंत्री मेघवाल_*

श्रीनगर: केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने मंगलवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग बहुत जल्द राज्य का दर्जा बहाल करने के बारे में फैसला सुनेंगे. श्रीनगर में शेर-ए-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (SKICC) में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए मेघवाल ने कहा कि देश के गृह मंत्री ने लोकसभा को भरोसा दिलाया है कि जम्मू-कश्मीर को उसका हक मिलेगा.

जब मेघवाल से केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस दिलाने में हो रही देरी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “आपको आपका हक मिलेगा, लेकिन इसकी एक प्रक्रिया है. मुझे लगता है कि आप बहुत जल्द इस बारे में फैसला सुनेंगे.”

मेघवाल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि (राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए) इस प्रक्रिया में बहुत समय लग गया है और उन्हें उम्मीद है कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को इसकी बहाली के लिए और इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

सीएम उमर ने उसी कार्यक्रम में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “जब तक हमें राज्य का दर्जा वापस नहीं मिल जाता, हम मानेंगे नहीं. प्रक्रिया चल रही है, लेकिन इसमें बहुत समय लग गया है. हमें उम्मीद थी कि अब तक हमें राज्य का दर्जा मिल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है, हम लगातार केंद्र सरकार से बात कर रहे हैं.”

उन्होंने कहा, “मैंने भी मंत्री से सुना कि हमें जल्द ही अच्छी खबर मिलेगी. हम एक साल से अधिक समय से इस अच्छी खबर का इंतजार कर रहे हैं. हमें उम्मीद है कि हमें और इंतजार नहीं करना पड़ेगा.”

उमर अब्दुल्ला ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम हमले के बाद बंद की गई 48 जगहों में से 14 पर्यटन स्थलों को फिर से खोलने का ऑर्डर देने के लिए गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि उनकी अनुरोध पर इन जगहों को फिर से खोल दिया गया है.

मुख्यमंत्री ने कहा, “जब मैं जम्मू में गृह मंत्री से मिला था, और नई दिल्ली में पिछली बैठकों में, मैंने गृह मंत्री से इन जगहों को फिर से खोलने का अनुरोध किया था. इन्हें बंद रखने की कोई वजह नहीं थी, मुश्किल हालात में हमने इन जगहों को बंद नहीं किया था. गृह मंत्री ने मुझे उसी दिन भरोसा दिलाया था कि उन्होंने इन जगहों को फिर से खोलने के लिए निर्देश दिए हैं. मैं इन जगहों को फिर से खोलने का आदेश देने के लिए गृह मंत्री का शुक्रगुजार हूं. मुझे उम्मीद है कि पर्यटक अब इन जगहों पर आएंगे और इन जगहों पर पर्यटन पर निर्भर लोगों की रोजी-रोटी फिर से शुरू करेंगे.”

इस बीच, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विपक्षी भाजपा की उसके दोहरे रवैये के लिए आलोचना की और कहा कि भाजपा के मनोनीत राज्यसभा सांसद गुलाम अली खटाना ने उत्तर प्रदेश में 90 प्रतिशत से अधिक फंड खर्च कर दिया है.

विधानसभा में जम्मू से भाजपा विधायक विक्रम रंधावा के आरोपों का जिक्र करते हुए उमर ने कहा कि उनके आरोपों के बाद ही उनकी असलियत सामने आ गई थी. मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर मुझे ठीक से याद है तो साल 2021 में उनके खिलाफ सरकारी जमीन हड़पने का मामला दर्ज किया गया था.”

उमर ने कहा कि भाजपा के नेताओं में फर्क है. वे कहते कुछ हैं, करते कुछ और हैं. वे जम्मू-कश्मीर के बारे में बोलते हैं, लेकिन उन्होंने अपने एक आदमी को मनोनीत कर संसद भेजा, उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र विकास निधि का 90 प्रतिशत से अधिक उत्तर प्रदेश में खर्च किया. वह जम्मू-कश्मीर से सांसद हैं, उन्हें यहां सरकारी घर मिला है, नाम से वह जम्मू-कश्मीर के हैं, खटाना साहब, लेकिन अपनी निर्वाचन क्षेत्र विकास निधि उत्तर प्रदेश में खर्च करते हैं.उमर का इशारा गुलाम अली खटाना की तरफ था, जो भाजपा नेता हैं और जिन्हें 2022 में जम्मू-कश्मीर से राज्यसभा सांसद बनाया गया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, खटाना ने अपने MPLAD फंड का 94 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भेजा है.


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