*_अलीगढ़ में अवैध हथियारों की फैक्टी का भंडाफोड़, सुनसान भट्ठे से चल रहा था तमंचों का कारोबार_*

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*_अलीगढ़ में अवैध हथियारों की फैक्टी का भंडाफोड़, सुनसान भट्ठे से चल रहा था तमंचों का कारोबार_*

अलीगढ़: थाना गोरई पुलिस और क्रिमिनल इंटेलीजेंस विंग (देहात) की संयुक्त टीम ने अवैध हथियार कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए शस्त्र फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने बेसवां रोड स्थित एक बंद पड़े भट्ठे से अवैध तमंचों के निर्माण में शामिल पांच शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है. मौके से भारी संख्या में बने और अधबने तमंचे, कारतूस और हथियार बनाने के उपकरण भी बरामद किया है. अपर पुलिस अधीक्षक सम्यक चौधरी (IPS) और क्षेत्राधिकारी इगलास महेश कुमार के नेतृत्व में संयुक्त पुलिस टीम ने यह सफलता हासिल की है.

यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई. अभियान का उद्देश्य जनपद में अपराध की रोकथाम और अवैध शस्त्रों के निर्माण व बिक्री में संलिप्त अपराधियों की गिरफ्तारी है.

लंबे समय से चल रहा था अवैध फैक्ट्री: पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त बेसवां रोड पर स्थित एक सुनसान और बंद पड़े भट्ठे में लंबे समय से अवैध शस्त्र फैक्ट्री चला रहे थे. यहां देशी तमंचों का निर्माण किया जा रहा था. दबिश के दौरान पुलिस ने 9 अवैध तमंचे 315 बोर, 2 अधबने तमंचे, नाल, ट्रिगर, जिंदा और मिस कारतूस सहित बड़ी मात्रा में हथियार बनाने का सामान बरामद किया. इसके अलावा ड्रिल मशीन, रेती, आरी, हथौड़े, भट्टी, वेल्डिंग रॉड और लोहे की प्लेट जैसे उपकरण भी मौके से मिले.

अभियुक्त अलग-अलग स्थानों का रहने वाला: गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान सोनू खान, दीपक, कान्हा, जयवीर उर्फ जगवीर और विनय उर्फ बंटी के रूप में हुई है. सभी अभियुक्त अलग-अलग स्थानों के रहने वाले हैं और पहले भी आपराधिक मामलों में संलिप्त रहे हैं. पूछताछ में अभियुक्तों ने कबूल किया, वे तमंचों का रॉ मैटेरियल अलीगढ़ के मदारगेट से और नाल आगरा के छीपी टोला क्षेत्र से खरीदते थे. एक तमंचा बनाने में उन्हें करीब 1000 से 1500 रुपये की लागत आती थी, जिसे वे 6 से 7 हजार रुपये में बेच देते थे.

 

पूरा काम पार्टनरशिप में किया जा रहा था: अभियुक्तों ने यह भी बताया कि वे पुलिस से बचने के लिए बार-बार अपनी जगह बदलते रहते थे और सुनसान इलाकों में फैक्ट्री चलाते थे, ताकि किसी को शक न हो. यह पूरा काम पार्टनरशिप में किया जा रहा था और बिक्री से होने वाली रकम को आपस में बराबर बांट लिया जाता था. मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इन हथियारों की सप्लाई किन-किन अपराधियों या गिरोहों तक की जा रही थी.

एसपी ग्रामीण अमृत जैन ने बताया कि मामले और बड़े खुलासे होने की संभावना है. इस कार्रवाई को अलीगढ़ पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे जिले में अवैध हथियारों के नेटवर्क पर करारा प्रहार हुआ है.


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