*_’मैं उनका राजनीतिक करियर खत्म….’, पीएम मोदी की तारीफ करते हुए ये क्या बोल गए ट्रंप_*
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर अप्रत्याशित टिप्पणी की है. बुधवार (स्थानीय समय) को व्हाइट हाउस में मीडिया को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि “वह (पीएम मोदी) ट्रंप से प्यार करते हैं.” हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने तुरंत स्पष्ट किया कि “प्यार” शब्द को किसी भी तरह से न लें, क्योंकि वह प्रधानमंत्री मोदी का “राजनीतिक करियर बर्बाद नहीं करना चाहते”.पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, “मोदी एक महान व्यक्ति हैं. वह ट्रंप से प्यार करते हैं.” उन्होंने फिर स्पष्ट किया, “मैं नहीं चाहता कि आप “प्यार” शब्द को किसी भी तरह से लें. मैं उनका राजनीतिक करियर बर्बाद नहीं करना चाहता.”
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने आगे कहा कि भारत एक अविश्वसनीय देश है और पीएम मोदी “टाइम-टेस्टेड लीडर” (लंबे समय से भरोसे लायक या परखे हुए) हैं. ट्रंप ने कहा, “मैं वर्षों से भारत को देख रहा हूं. यह एक अद्भुत देश है, हर साल आपको एक नया नेता मिलता है. कुछ तो कुछ महीनों के लिए ही वहां रहते हैं, और यह साल दर साल होता रहा, और मेरे दोस्त (मोदी) तो लंबे समय से वहां हैं.”डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि भारत के पड़ोसी देशों में नेता या सरकारें कुछ समय में बदलती रहती हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी लंबे समय से भारत का नेतृत्व कर रहे हैं.
इससे पहले, रूस से तेल खरीदने को लेकर भी ट्रंप ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि भारत रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा. ट्रंप ने कहा, “उन्होंने मुझे आश्वासन दिया है कि रूस से कोई तेल नहीं खरीदा जाएगा.” उन्होंने आगे कहा, “आप जानते हैं, आप इसे तुरंत नहीं कर सकते. यह एक छोटी सी प्रक्रिया है, लेकिन यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी.”
ट्रंप के दावे पर भारत की प्रतिक्रिया
रूस से तेल खरीदने पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत के कच्चे तेल आयात नीति में स्थानीय उपभोक्ता प्राथमिकता में हैं. विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी प्रशासन ने भारत के साथ ऊर्जा सहयोग को गहरा करने में रुचि दिखाई है और इस पर चर्चा जारी है. मंत्रालय ने कहा कि भारत तेल और गैस का प्रमुख आयातक देस है. अस्थिर ऊर्जा परिदृश्य में भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना हमारी निरंतर प्राथमिकता रही है. हमारी आयात नीतियां पूरी तरह इसी उद्देश्य से निर्देशित होती हैं.”
मंत्रालय ने कहा कि स्थिर ऊर्जा मूल्य और सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करना भारत की ऊर्जा नीति के दोहरे लक्ष्य रहे हैं. इसमें हमारे ऊर्जा स्रोतों का व्यापक आधार और बाजार की स्थितियों के अनुरूप विविधीकरण शामिल है.सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के अनुसार, चीन के बाद भारत रूसी तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है.






