*_वॉव मोमो कंपनी के गोदाम में आग, 25 शव बरामद, पहचान करना मुश्किल, कंपनी बोली- आजीवन सहायता करने के लिए तैयार_*
कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के नरेंद्रपुर के नजीराबाद इलाके में भीषण आग लगने के बाद पुलिस ने(वॉव मोमो) के दो और अधिकारियों को गिरफ्तार किया है. गोदाम में लगी आग के कारण 25 लोगों की मौत हो चुकी है. बॉडी इतने अधिक झुलस चुके हैं कि उनकी शिनाख्त करने में पुलिस को दिक्कत आ रही है. उन्हें डीएनए जांच का सहारा लेना पड़ रहा है. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कोलकाता के आनंदपुर स्थित वॉव मोमो गोदाम-कारखाने में लगी आग के संबंध में एक शिकायत का संज्ञान लिया है.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 16 शवों के अंगों को डीएनए परीक्षण के लिए भेजा जा चुका है. पुलिस का दावा है कि 27 लोग लापता हैं, जिनमें से 21 पूर्वी मेदिनीपुर जिले के हैं. बरुईपुर जिला पुलिस अधीक्षक शुभेंदु कुमार ने कहा, “हमने पांच और शव के अंग बरामद किए हैं. अब तक आंशिक रूप से जले हुए अवशेषों और कंकाल के टुकड़ों सहित कई शव के अंग बरामद किए जा चुके हैं.”
पुलिस ने बताया कि बरामद अवशेष शरीर के अंग हैं, जो एक या एक से अधिक व्यक्तियों के हो सकते हैं. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि डीएनए परीक्षण के परिणाम आने के बाद ही मृतकों की सही संख्या की पुष्टि हो पाएगी. दूसरी ओर, राज्य सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 10-10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है. एक आधिकारिक बयान में, सरकार ने गहरा दुख व्यक्त किया और पीड़ितों के परिवारों को दीर्घकालिक सुरक्षा और सरकार द्वारा दी जाने वाली सभी सुविधाओं का आश्वासन दिया.
आग 26 जनवरी सोमवार तड़के करीब तीन बजे पुष्पांजलि डेकोरेटर्स के गोदाम में लगी और देखते ही देखते यह पास के वॉव मोमो के गोदाम में फैल गई. पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों गोदामों में ज्वलनशील सामान भरा होने के कारण, इमारतें तुरंत आग की चपेट में आ गईं और लोगों का बाहर निकलना लगभग नामुमकिन हो गया. वॉव मोमो की यूनिट में मौजूद तीन कर्मचारियों को छोड़कर बाकी सभी पुष्पांजलि के गोदाम में थे. अधिकतर मजदूर पड़ोसी जिलों से आए थे और परिसर में ही रहते थे. वॉव मोमो के एक प्रवक्ता ने कहा कि गोदाम के अंदर 28 अग्निशामक यंत्र लगाए गए थे, डेकोरेटर्स कंपनी के गोदाम में कोई प्रोटोकॉल नहीं था और आग वहीं से फैली.
कंपनी की ओर से बताया गया है कि घटना के समय गोदाम में एक सुरक्षा गार्ड और दो सामान्य कर्मचारी मौजूद थे. धुएं और भीषण आग के कारण तीन कर्मचारियों की दुखद मौत हो गई. मृतक कर्मचारियों के परिवारों को सहायता का आश्वासन देते हुए, Wow! Momo ने घोषणा की है कि प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. कंपनी ने यह भी घोषणा की है कि वह मृतक कर्मचारियों के वेतन के बराबर आजीवन मासिक सहायता प्रदान करेगी और उनके बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च वहन करेगी.कोलकाता पुलिस ने मोमो कंपनी के दोनों अधिकारियों को गुरुवार देर रात गिरफ्तार किया. उनके नाम मनोरंजन सीट और राजा चक्रवर्ती हैं. पुलिस सूत्रों के अनुसार, वे मोमो कंपनी में क्रमशः प्रबंधक और उप प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे.
गोदाम में लगी आग पर भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा, “उप प्रबंधक और प्रबंधक को गिरफ्तार करने का क्या मतलब है? मालिक को गिरफ्तार करना चाहिए. उप प्रबंधक ने अग्निशमन लाइसेंस का इंतजाम नहीं किया थाय आज, वॉव मोमो (वाओ मोमो) फैक्ट्री के पास अग्निशमन लाइसेंस नहीं था, इसकी पुष्टि अग्निशमन विभाग के महानिदेशक ने की है, तो इस व्यवस्था के लिए कौन जिम्मेदार है? मालिक जिम्मेदार है, फिर मालिक को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया?”
भाजपा सांसद ज्योतिर्मोय सिंह महतो ने कहा, “यह घटना बेहद दुखद है. न केवल पूरी भारतीय जनता पार्टी बल्कि बंगाल के सभी लोग इससे बेहद आहत हैं. हालांकि, केवल उप प्रबंधक और प्रबंधक को गिरफ्तार करना पर्याप्त नहीं होगा. इस बात की जांच होनी चाहिए कि दमकल कर्मियों को पहुंचने में इतना समय क्यों लगा और इस घटना में और कौन-कौन शामिल हो सकते हैं। पूरी जांच होनी चाहिए.”
घटनास्थल पर पहुंचे गवर्नर
नजीराबाद में आग लगने की घटना के पांच दिन बाद शुक्रवार को राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने घटनास्थल का दौरा किया. राज्यपाल ने घटनास्थल पर जाकर वास्तविक स्थिति, मलबे की हालत और प्रशासनिक प्रतिक्रिया का प्रत्यक्ष जायजा लिया और जानकारी जुटाई.
उन्होंने कहा, “ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए थी. यह एक बेहद भयावह दृश्य है. कई अनमोल जानें चली गईं. आग लगने के दौरान और बाद में कुछ कदम उठाए जाने चाहिए थे. ऐसा नहीं किया गया. कानून के अनुसार यहां अग्नि सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करना आवश्यक था. आग लगने की स्थिति में फायर अलार्म, अग्निशमन प्रणाली और त्वरित निकासी मार्ग होने चाहिए थे. लेकिन यहां इन सभी चीजों का अभाव था. यह घटना मानवीय त्रुटि का परिणाम है. राज्यपाल के रूप में, मैं जल्द ही एक सलाह जारी करूंगा. पश्चिम बंगाल में ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए. सभी को सतर्क रहने की जरूरत है. मैं किसी को दोष नहीं दे रहा हूं, लेकिन अगर प्रशासन में कोई खामी न हो तो ऐसी घटनाएं बार-बार नहीं होतीं.”
डेकोरेटर्स कंपनी के मालिक गंगाधर दास को आगजनी के सिलसिले में गिरफ्तार किया जा चुका है और बुधवार को बरुईपुर अदालत में पेश किया गया था. न्यायाधीश ने उन्हें आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है. कंपनी के प्रबंधक और उप प्रबंधक की गिरफ्तारी इस घटना के ठीक एक दिन बाद हुई है. पुलिस की जांच जारी है. कंपनी का दावा है कि आग उनके गोदाम में नहीं, बल्कि बगल के गोदाम में लगी थी. उनका आरोप है कि डेकोरेटर के गोदाम में रात में लापरवाही से खाना पकाया जा रहा था, और आग वहीं से फैलकर उनके गोदाम तक आ गई. बयान में आगे कहा गया है कि आनंदपुर स्थित उनके किराए के गोदाम में लगी आग बगल के डेकोरेटर के गोदाम से शुरू हुई थी.







