*_”अगर मैं गली तक भी गया हूं तो खुद को गुनहगार मानने को तैयार”, पूर्व सांसद दुष्यंत गौतम ने आरोपों को किया खारिज_*
नई दिल्लीः भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तराखंड में पार्टी मामलों के प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में अपना नाम आने पर प्रतिक्रिया दी है. पूर्व सांसद दुष्यंत गौतम ने मीडिया के सामने आकर अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया. उन्होंने साफ कहा कि बिना किसी ठोस सबूत के किसी व्यक्ति की छवि खराब करना न सिर्फ़ गलत है, बल्कि यह कानूनन अपराध भी है
दुष्यंत गौतम ने कहा कि यदि उनके खिलाफ कोई भी प्रमाण मौजूद है तो उसे सार्वजनिक मंचों पर बयानबाज़ी करने के बजाय सीधे न्यायालय के समक्ष पेश किया जाना चाहिए. उन्होंने दो टूक कहा, “अगर कोई यह साबित कर दे कि मैं गली तक भी गया हूँ, तो मैं स्वयं को गुनहगार मानने को तैयार हूं.”
“AI से जनरेट किया गया वीडियो”
पूर्व सांसद ने आगे कहा कि जिस व्यक्ति द्वारा उनके खिलाफ वीडियो वायरल किया जा रहा है, उसे वे व्यक्तिगत रूप से जानते तक नहीं हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि वीडियो बनाने वाला व्यक्ति खुद यह स्वीकार कर चुका है कि वह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जनरेट किया गया है. ऐसे में इस तरह के वीडियो को आधार बनाकर किसी पर आरोप लगाना पूरी तरह से भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण है.
“एक बेटी की हत्या हुई है, उसे न्याय मिलना चाहिए”
दुष्यंत गौतम ने अंकिता भंडारी की हत्या के मामले का भी उल्लेख किया और कहा कि इस बेहद संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति या भाषणबाज़ी नहीं होनी चाहिए उन्होंने कहा, “एक बेटी की हत्या हुई है, उसे न्याय मिलना चाहिए. अगर किसी के पास इस मामले से जुड़ा कोई भी सबूत है, तो उसे तुरंत अदालत में पेश किया जाए. दोषी चाहे कोई भी हो, उसे कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए, यहां तक कि फांसी भी.”उन्होंने मीडिया और राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अफवाहों और फर्जी वीडियो के आधार पर माहौल खराब न करें. साथ ही, उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में न्यायपालिका सर्वोच्च है और हर विवाद का समाधान कानून के दायरे में ही होना चाहिए.






