*_अलीगढ़ में डबल मर्डर का खुलासा; उधार दिए ढाई लाख रुपये वापस मांगे तो दोस्त ने गोली मारी, दो गिरफ्तार_*
अलीगढ़: खैर थाना क्षेत्र के उदयपुर इलाके में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का पुलिस और क्रिमिनल इंटेलिजेंस विंग देहात की संयुक्त टीम ने शनिवार को खुलासा कर दिया. 25 दिसंबर को सड़क किनारे खड़ी ट्राइबर गाड़ी में मिले दो शवों ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया था.
एक आरोपी अब भी फरार: बाद में मृतकों की पहचान ओयो होटल मालिक बॉबी और उसके दोस्त मोहित के रूप में हुई थी. दोनों की गोली मारकर हत्या की गई थी. एसएसपी नीरज जादौन ने बताया कि इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है.
रुपयों का लेनदेन के कारण हत्या: एसएसपी नीरज जादौन ने कहा कि पुलिस की जांच में सामने आया कि हत्या की वजह रुपयों का लेनदेन था. पकड़े गए आरोपियों की पहचान धर्मेंद्र उर्फ धलुआ और बोस प्रताप सिंह उर्फ देव के रूप में हुई है. तीसरा आरोपी हरीश अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है. आरोपियों को गोंडा रोड नहर पुल के पास से गिरफ्तार किया गया.
बॉबी रकम वापस लेने के लिए दबाव बना रहा था: इस वारदात की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने करीब डेढ़ सौ सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली थी. पूछताछ में मुख्य आरोपी धर्मेंद्र ने बताया कि उस पर बॉबी का करीब ढाई लाख रुपये का कर्ज हो गया था. आर्थिक तंगी और लगातार पैसों के दबाव के चलते उसने बॉबी को रास्ते से हटाने की साजिश रची. धर्मेंद्र ने पहले अपनी गाड़ी बेचकर कुछ रुपये बॉबी को दिए थे, लेकिन करीब एक लाख रुपये अब भी बाकी थे. बॉबी उससे लगातार रुपये मांग रहा था.
हत्या का प्लान बनाकर की वारदात: एसएसपी नीरज जादौन ने बताया की हत्या की प्लान पहले से बनाया गया था. धर्मेंद्र ने बॉबी को थार गाड़ी खरीदने के बहाने मेहरवाल पुल के पास बुलाया. बॉबी ने इसके लिए किराये पर कार भी बुक कराई थी. बॉबी अपने दोस्त मोहित को भी साथ में ले लिया था. प्लान के मुताबिक 24 दिसंबर को गाड़ी से अगले दिन गाजियाबाद जाना था. इसी बहाने धर्मेंद्र ने अपने दोस्त बोस प्रताप सिंह और हरीश को भी प्लान में शामिल किया.
बॉबी और मोहित की गोली मारकर हत्या: आरोपियों ने बॉबी को गोली मार दी. मोहित वारदात का चश्मदीद गवाह बन गया था, इसलिए मजबूरी में उसकी भी हत्या कर दी गई. वारदात के बाद आरोपी ट्राइबर गाड़ी को थाना खैर इलाके के एक गांव के बाहर छोड़कर बाइक से फरार हो गए. आरोपियों ने गाड़ी के डैशबोर्ड से 50 हजार रुपये भी निकाले.
आरोपी हरीश की तलाश में दबिश जारी: एसएसपी नीरज जादौन ने बताया कि इसमें से 25 हजार रुपये हरीश और उसके साथी ले गए, जबकि बाकी 25 हजार धर्मेंद्र और बोस प्रताप ने आपस में बांट लिये. पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात के वक्त पहने गए रक्तरंजित कपड़े, फरार होने में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और 24 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं. यह हत्या पूरी तरह सुनियोजित थी. पुलिस फरार आरोपी हरीश की तलाश में लगातार दबिश दे रही है. जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा.






