*_बजट सत्र 2026: राहुल गांधी के बयान पर लोकसभा में हंगामा, 8 विपक्षी सांसद सस्पेंड… कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित_*

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*_बजट सत्र 2026: राहुल गांधी के बयान पर लोकसभा में हंगामा, 8 विपक्षी सांसद सस्पेंड… कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित_*

नईदिल्ली। संसद के बजट सत्र का मंगलवार को चौथा दिन है. संसद के दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा जारी है. बजट सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा में तब बड़ा हंगामा हुआ जब राहुल गांधी ने कथित तौर पर पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे के अप्रकाशित संस्मरणों के अंश पढ़े, जिस पर सत्ता पक्ष की ओर से आपत्ति जताई गई. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्रोत की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए. सदन में चर्चा के लिए 18 घंटे का समय दिया गया है. बजट सत्र 2 अप्रैल को समाप्त होगा. दोनों सदन 13 फरवरी को अवकाश के लिए स्थगित हो जाएंगे और 9 मार्च को फिर से शुरू होंगे ताकि स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की अनुदान मांगों की जांच कर सकें.

 

कई विपक्षी सांसद सस्पेंड, लोकसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित

 

लोकसभा में आसन के समीप कागज उछालकर सदन की अवमानना करने के मामले में कांग्रेस के सात सदस्यों और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक सांसद को वर्तमान बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया.

सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर जारी चर्चा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के एक अप्रकाशित संस्मरण का उल्लेख करने का प्रयास करने के मुद्दे पर बैठक तीन बार स्थगित होने के बाद अपराह्न तीन बजे शुरू हुई तो पीठासीन सभापति दिलीप सैकिया ने आसन की अवज्ञा करने के लिए कांग्रेस सदस्यों अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, गुरदीप सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, प्रशांत पडोले, किरण कुमार रेड्डी और मणिकम टैगोर तथा माकपा सांसद एस वेंकटेशन के नाम लिए. वहीं, भारी हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही कल सुबह (4 फरवरी 2026) 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सासंदों ने लोकसभा से पार्टी के सांसदों के निलंबन के खिलाफ संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन किया.

 

अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर राहुल गांधी ने ये दी तीखी प्रतिक्रिया

 

सदन के बाहर राहुल गांधी ने कहा, ‘मोदी जी घबराए हुए हैं. (अमेरिका-भारत) ट्रेड डील, जो पिछले कुछ महीनों से अटकी हुई थी, उसे नरेंद्र मोदी ने कल रात साइन कर दिया. उन पर बहुत ज़्यादा दबाव है. नरेंद्र मोदी जी की इमेज खराब हो सकती है. मुख्य बात यह है कि हमारे पीएम कॉम्प्रोमाइज़्ड हैं. जनता को इस बारे में सोचना चाहिए. पहली बार विपक्ष के नेता को राष्ट्रपति के भाषण पर बोलने नहीं दिया गया. नरेंद्र मोदी जी ने इस ट्रेड डील में आपकी मेहनत बेच दी है क्योंकि वह कॉम्प्रोमाइज़्ड हैं. उन्होंने देश को बेच दिया है. नरेंद्र मोदी जी डरे हुए हैं क्योंकि जिन्होंने उनकी इमेज बनाई थी, अब वही इस इमेज को तोड़ रहे हैं. डानी जी पर अमेरिका में एक केस है, यह असल में मोदी जी पर केस है. एपस्टीन फाइल्स में और भी बहुत कुछ है जो अमेरिका ने अभी तक जारी नहीं किया है. उसकी वजह से भी दबाव है. ये दो प्रेशर पॉइंट्स हैं. देश को यह समझना चाहिए.’

 

राहुल गांधी ने चीन का मुद्दा उठाया

 

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, ‘राष्ट्रपति के भाषण में एक बहुत ही जरूरी मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है. पाकिस्तानियों, चीनियों और हमारे बीच संबंध. इस लेख में एक बहुत ही जरूरी बात है जिसे मैंने वेरिफाई किया है. इसमें पीएम के रिएक्शन के बारे में बताया गया है.हमारे राष्ट्रपति का भाषण उस रास्ते के बारे में था जो भारत को अपनाना है. आज दुनिया के मंच पर अंतरराष्ट्रीय मामलों में मुख्य मुद्दा चीन और अमेरिका के बीच टकराव है. यह हमारे राष्ट्रपति के भाषण का मुख्य हिस्सा है. मैं बस इतना कह रहा हूं कि मुझे चीन और भारत के बीच क्या हुआ और हमारे पीएम ने इस पर कैसे रिएक्शन दिया, इस बारे में बयान देने दें. मुझे क्यों रोका जा रहा है? बीजेपी सांसदों ने राहुल गांधी के इस मुद्दे पर बोलने पर आपत्ति जताई.

 

नड्डा ने दवाओं की कीमतों को रेगुलेट करने के संबंध में पूछे गए सवालों का जवाब दिया

 

आम आदमी पार्टी की सांसद स्वाति मालिवाल ने कुछ फार्मा कंपनियों द्वारा खास दवाइयों पर भारी मुनाफा कमाने का प्रश्न उठाया. इस पर मंत्री जेपी नड्डा ने सदस्यों द्वारा फार्मास्युटिकल दवाओं की कीमतों को रेगुलेट करने के संबंध में पूछे गए सवालों का जवाब दिया.

 

भारत–अमेरिका व्यापार समझौते पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष का बायकॉट

 

विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों ने मंगलवार को भारत–अमेरिका व्यापार समझौते का मुद्दा उठाया और संसद को विश्वास में लेने, सदन के पटल पर इनके पूरे मसौदे रखे जाने तथा इन पर व्यापक चर्चा की मांग करते हुए राज्यसभा से वॉकआउट किया. उच्च सदन में शून्यकाल समाप्त होने के तुरंत बाद जब सभापति सी पी राधाकृष्णन ने प्रश्नकाल शुरू करने को कहा, उसी समय कांग्रेस के नेता जयराम रमेश ने भारत–अमेरिका व्यापार समझौते का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि इस समझौते से जुड़ी जानकारी संसद के बजाय वाशिंगटन से मिल रही है.

उन्होंने इस मुद्दे पर संसद को विश्वास में लेने, सदन के पटल पर इनके पूरे मसौदे रखे जाने तथा इन पर व्यापक चर्चा की मांग उठाई। विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों ने उनका समर्थन किया. अपनी मांग के समर्थन में विपक्षी सदस्यों ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया. तब सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने बीती देर रात को भारतीय वस्तुओं पर शुल्क में कटौती की जानकारी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से दी और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ भी की.

नड्डा ने आरोप लगाया कि विपक्ष की हताशा सामने आ रही है और वह अच्छी बातों में भी बुराई देखने लगा है. उन्होंने कहा, “मैं सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि सरकार भारत–अमेरिका व्यापार समझौते पर चर्चा के लिए तैयार है और समझौते का हर छोटा-बड़ा विवरण देने को भी तैयार है। सरकार इस मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लेते हुए वक्तव्य देगी.”

उन्होंने कहा, “लेकिन यह तरीका (हंगामा) लोकतंत्र के लिए घातक है और यह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस तथा ‘इंडी’ गठबंधन का गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है.” सत्तापक्ष के सदस्य विपक्षी दलों के गठबंधन “इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस” (इंडिया) को ‘इंडी’ गठबंधन कहते हैं. सदन में जब नड्डा अपनी बात रख रहे थे तब विपक्षी सदस्यों का हंगामा और नारेबाजी जारी थी. उन्होंने सरकार पर देश के हितों से समझौता करने का आरोप भी लगाया.

सभापति सी पी राधाकृष्णन ने कहा कि जब सरकार वक्तव्य दे रही है तो सदस्यों को उसे सुनना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष हंगामा कर रहा है. इसी बीच, विपक्षी सदस्य सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए अपनी सीटों से उठकर आगे की ओर बढ़ गए. नड्डा ने दोहराया कि सरकार आज ही इस मुद्दे पर अपनी ओर से वक्तव्य देगी और चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा, “यह आपकी हताशा है जो बोल रही है. हम तैयार हैं.”

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का उद्देश्य हर मुद्दे पर राजनीति करना है और सदन में इसका उदाहरण देखा गया. उन्होंने कहा कि विपक्ष देश में ऐसा माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है जैसे सरकार चर्चा से बच रही हो. उन्होंने कहा “अब आप मुद्दाविहीन पार्टी बन गए हैं. यह बहुत गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है और एक तरह से राष्ट्र-विरोधी आचरण है.” इसके बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को छोड़कर सभी विपक्षी दलों के सदस्यों ने विरोध जताते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिया. टीएमसी सदस्य साकेत गोखले सदन में बैठे रहे और कुछ देर बाद बाहर चले गए. बाद में टीएमसी के सदस्यों ने कहा कि उन्होंने दिल्ली पुलिस द्वारा एसआईआर-प्रभावित परिवारों के साथ किए गए व्यवहार के विरोध में अलग से बहिर्गमन किया. कल पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की दिल्ली के चाणक्यपुरी में स्थित ‘बंग भवन’ के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों से बहस हो गई थी। ममता ने अपने राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से प्रभावित परिवारों के उत्पीड़न का आरोप लगाया था.

 

सांसद डिंपल यादव ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर उठाए सवाल

 

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कहा, ‘अमेरिका द्वारा लगाया गया 18 प्रतिशत टैरिफ सवाल खड़े करता है. यह घोषणा भारत सरकार ने नहीं की थी. यह अमेरिकी राष्ट्रपति ने की थी. अमेरिका का रवैया दिखाता है कि हमारा विदेश मंत्रालय उनसे ठीक से डील नहीं कर पाया है.’


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