*_सत्तर दिन बाद मिला अग्निवीर का शव, अंतिम यात्रा में बेहोश हुए सांसद_*
विराटनगर (कोटपूतली): पावटा उपखंड क्षेत्र के भौनावास के अग्निवीर का अंतिम संस्कार मंगलवार को किया गया. अग्निवीर भीम सिंह उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली स्थित हर्षिल घाटी कैम्प में बादल फटने की घटना के बाद से लापता था. उनका पार्थिव शरीर 70 दिन बाद बरामद हुआ था. मंगलवार को तिरंगा यात्रा के बाद अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह की तबीयत खराब हो गई. वे बेहोश हो गए. उन्हें पावटा के अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत बाद घर भेज दिया गया.
प्रागपुरा पुलिस थाने से भौनावास तक निकाली गई विशाल तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और जवान को अंतिम विदाई दी. इस दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘वीर शहीद अमर रहे’ के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा. जवान की अंतिम यात्रा में उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़, जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह, जिला कलेक्टर और एसपी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और युवा शामिल हुए.
जवान को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी गई और तिरंगा लिपटे पार्थिव शरीर को परिजनों को सौंपा गया. नम आंखों के साथ उपस्थित लोगों ने जवान को श्रद्धांजलि दी. बहरोड़ के जिला सैनिक कल्याण अधिकारी विंग कमांडर ऋषि देव यादव ने बताया कि सैनिक का बलिदान ‘युद्ध हताहत’ श्रेणी में है. इस श्रेणी के नियमों के अनुसार लाभ सैनिक के परिवार को मिलेंगे.
सांसद हुए बेहोश, मचा हड़कंप: जवान को पुष्प अर्पित करने के कार्यक्रम के दौरान जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह अचानक बेहोश हो गए. उन्हें तुरंत उप जिला अस्पताल पावटा में ले जाया गया. उप जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. रवि बंसल ने बताया कि सांसद का इलाज करने के बाद उनकी तबीयत में सुधार आया और उन्हें उनके शाहपुरा स्थित आवास की ओर रवाना कर दिया गया. पावटा के उप जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ.रवि बंसल ने बताया कि दोपहर को सूचना मिली थी कि जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह की तबीयत खराब हुई है. थोड़ी बेहोशी सी हुई थी. इस पर डॉ.देवेंद्र शर्मा के नेतृत्व में मेडिकल टीम बनाई गई. उनके अस्पताल में आते ही रुटीन चेकअप करवाए गए. बीपी,पल्स रेट,शुगर और ECG सामान्य थी. उन्होंने शायद फास्ट कर रखा था. हार्ट की भी जांच की गई. सभी सामान्य पाई गई. सांसद को ओआरएस दिया गया. थोड़ी देर अस्पताल में रहने के बाद वे आगामी कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए चले गए.






